अमित शाह का बड़ा बयान—’पेपर लीक के दोषियों को ऐसी सजा देंगे जो नजीर बनेगी’; सीएम योगी ने बताया युवाओं के हित में बड़ा कदम
नई दिल्ली:
प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित ‘उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स’ (High-Powered Task Force) का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोरदार स्वागत किया है।
गृह मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मोदी सरकार देश की युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह ‘लीक-प्रूफ’ बनाया जाएगा।
अमित शाह बोले—”पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी नज़ीर बनने वाली सजा”
सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा:
“मोदी सरकार हमारी नई पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर सुधार के सिद्धांत पर काम करती है। व्यापक परीक्षा सुधारों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के तहत प्रधानमंत्री ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में कोई भी हमारे परीक्षा तंत्र की पवित्रता से खिलवाड़ न कर सके।”
अमित शाह ने कड़ी चेतावनी देते हुए आगे कहा कि सरकार पेपर लीक और धांधली में शामिल दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगी जो पूरे देश में एक नज़ीर (मिशाल) बनेगी, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने का दुस्साहस न कर सके।
सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी टास्क फोर्स के गठन का समर्थन करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने और सभी को निष्पक्ष व पारदर्शी अवसर प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
दिग्गजों से लैस है नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स
आधार (UIDAI) परियोजना के प्रमुख सूत्रधार और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनी इस हाई-पावर्ड टास्क फोर्स में देश के शीर्ष तकनीकी, सुरक्षा और प्रशासनिक विशेषज्ञों को शामिल किया गया है:
- नंदन नीलेकणि (अध्यक्ष – सह-संस्थापक, इंफोसिस)
- एस. सोमनाथ (पूर्व अध्यक्ष, इसरो)
- तपन डेका (पूर्व निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो – IB)
- प्रो. वी. कामकोटि (निदेशक, आईआईटी मद्रास/चेन्नई)
- अनीता करवाल (पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव)
- अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ)
यह टास्क फोर्स तकनीक, साइबर सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के वितरण और परीक्षा केंद्रों की कड़ी निगरानी के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करेगी ताकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में धांधली की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो सके।

