मुंबई के मीरा रोड इलाके से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन स्थल पर काम में इस्तेमाल होने वाली भारी-भरकम क्रेन अचानक भरभराकर गिर गई। क्रेन के गिरने से उसके नीचे खड़े कई वाहन पूरी तरह से दब गए हैं। इस भीषण दुर्घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो जाने की पुष्टि हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है और मौके पर राहत व बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। स्थानीय राहत और बचाव दल तुरंत घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभालने और मलबे को हटाने में जुटे हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे क्रेन हादसे
निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही या तकनीकी खराबी के चलते मशीन गिरने से किसी की जान जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले, इसी साल मई महीने की शुरुआत में भी एक ऐसा ही बड़ा हादसा सामने आया था। उस वक्त मुंबई कोस्टल रोड परियोजना (चरण-2) के तहत मीरा भायंदर इलाके में बने एक कास्टिंग यार्ड में एक विशाल औद्योगिक क्रेन का हिस्सा अचानक गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
क्या होता है कास्टिंग यार्ड?
बार-बार हो रहे इन हादसों के बीच कास्टिंग यार्ड की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, कास्टिंग यार्ड एक विशेष औद्योगिक क्षेत्र या जगह होती है, जहां किसी भी बड़ी बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजना के निर्माण के लिए जरूरी कंक्रीट के बड़े-बड़े हिस्से तैयार किए जाते हैं। इन हिस्सों में पुलों या फ्लाईओवरों के लिए भारी खंभे, बड़े पत्थर, पिलर और गर्डर शामिल होते हैं, जिन्हें भारी क्रेन मशीनों की मदद से ही एक जगह से दूसरी जगह ले जाया और असेंबल किया जाता है। ऐसे में इन जगहों पर जरा सी लापरवाही बड़े हादसों को न्योता दे देती है।

