कोहिमा। नगालैंड के चुमौकेदिमा जिले के सुखोवी में आईईडी विस्फोट में बलिदान हुए 28 असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल को मंगलवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सुखोवी स्थित असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एंड स्कूल में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों और अन्य सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
असम राइफल्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्रद्धांजलि समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और असम राइफल्स के शीर्ष नेतृत्व ने बलिदानी जवान को श्रद्धांजलि दी। समारोह के दौरान जवानों ने अपने साथी को अंतिम सलामी दी और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
अधिकारी ने बताया कि हवलदार मोहम्मद इकबाल का पार्थिव शरीर वायु मार्ग से पहले दिल्ली ले जाया जाएगा। इसके बाद उसे उनके गृह राज्य जम्मू-कश्मीर भेजा जाएगा, जहां पुंछ जिले के कल्लर मोहड़ा गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को सुखोवी के पास असम राइफल्स के काफिले को निशाना बनाकर किए गए आईईडी विस्फोट में हवलदार मोहम्मद इकबाल बलिदान हो गए थे, जबकि चार अन्य जवान घायल हुए थे। घायल जवानों का उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। विस्फोट में एक स्थानीय नागरिक भी घायल हुआ था।
तेज किया गया सर्च अभियान
असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमले के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है। अतिरिक्त असम राइफल्स और नगालैंड पुलिस की टुकड़ियों को चुमौकेदिमा और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया गया है। सुरक्षा बल आईईडी लगाने वालों का पता लगाने और उनके नेटवर्क तक पहुंचने के लिए व्यापक अभियान चला रहे हैं।
एनएससीएन (आईएम) ने हमले से किया किनारा
इस बीच एनएससीएन/जीपीआरएन (एनएससीएन-आईएम) ने हमले की निंदा करते हुए घटना से खुद को अलग बताया है। संगठन ने एक बयान जारी कर आईईडी हमले को कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया और कहा कि इस तरह की घटनाएं आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति प्रयासों के लिए खतरा हैं।
संगठन ने कहा कि वह घटना के तथ्यों की जानकारी जुटाएगा और जिम्मेदार लोगों की पहचान किए जाने का समर्थन करेगा। अब तक किसी भी उग्रवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

