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Saturday, June 6, 2026

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कर्नाटक पुलिस की बड़ी कामयाबी: आतंकी हमले की साजिश नाकाम; पाकिस्तान के संपर्क में रहने वाले दो संदिग्ध युवक गिरफ्तार

तुमकुरु/बेंगलुरु: कर्नाटक पुलिस और राज्य खुफिया विंग ने एक संयुक्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए देश के खिलाफ रची जा रही एक बेहद गंभीर और खतरनाक आतंकी साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया है। पुलिस ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) के खिलाफ कथित तौर पर विध्वंसक गतिविधियों और बड़े हमले की साजिश रचने के आरोप में दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि ये दोनों युवक सीमा पार पाकिस्तान में बैठे एक अज्ञात हैंडलर/आका के सीधे और लगातार संपर्क में थे।

अल्ला बख्श और जमीर खान के रूप में हुई पहचान
कर्नाटक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की उम्र महज 23 वर्ष है और वे राज्य के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं:

अल्ला बख्श (23 वर्ष): यह आरोपी तुमकुरु जिले के श्रीरामनगर का निवासी है।

जमीर खान (23 वर्ष): यह आरोपी मूल रूप से दावणगेरे का रहने वाला है और पेशे से राजमिस्त्री (Mason) का काम करता है।

इन दोनों के पास से कई संदिग्ध डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिन्हें आगे की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के लिए साइबर सेल भेज दिया गया है।

मटन की दुकान से शुरू हुई तफ्तीश की कड़ियां
इस पूरे सनसनीखेज मामले का भंडाफोड़ 4 जून 2026 को पुलिस को मिली एक बेहद खुफिया और प्रामाणिक सूचना के बाद हुआ। सूचना मिलते ही तुमकुरु के क्याथसंद्रा पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर (PSI) प्रसन्ना कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

पुलिस टीम ने सबसे पहले कडेयापेटे इलाके में स्थित एक मटन की दुकान पर दबिश दी और वहां काम करने वाले मौलाजन नामक एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों के संदेह में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। मौलाजन से बंद कमरे में की गई कड़ाई से पूछताछ और उसके मोबाइल के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) को खंगालने के बाद ही अल्ला बख्श और जमीर खान के सीधे पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े होने के पुख्ता सुराग मिले, जिसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए दोनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।

आपराधिक नेटवर्क और बड़ी साजिश की जांच जारी
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर कर्नाटक पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि इन आरोपियों को पाकिस्तान से क्या विशिष्ट टारगेट दिए गए थे और क्या इन्हें भारत में किसी बड़े धमाके या वीआईपी (VIP) को निशाना बनाने के लिए फंडिंग या हथियारों की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आने वाले दिनों में कुछ और स्थानीय मददगारों की गिरफ्तारियां संभव हैं।

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