विकसित भारत के लक्ष्य के लिए विभागों की दीवारें तोड़कर ‘वन टीम’ की तरह काम करने का दिया निर्देश
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों (Secretaries) के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ा और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासन (Governance) का केंद्र हमेशा देश की जनता होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की हर नीति, योजना और निर्णय आम नागरिक के हितों, उनकी सुविधा और आकांक्षाओं को सर्वोपरि रखकर लिया जाना चाहिए। इस बैठक में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को गति देने के लिए वित्त, अर्थव्यवस्था, वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालयों की कार्ययोजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
एक्स (X) पर पीएम मोदी ने दी जानकारी
बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया कि सचिवों के साथ अर्थशास्त्र, वित्त, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी विकास और उद्योग से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य फोकस नागरिक-केंद्रित शासन, बुनियादी ढांचे का विस्तार, स्वदेशी तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना और प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में युवा उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करना था।
‘विभागों की दीवारें तोड़ें, पूरी सरकार एक टीम की तरह काम करे’
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को कार्यशैली में बड़े बदलाव के निर्देश दिए:
- साइलो (Silos) खत्म करें: पीएम ने कहा कि मंत्रालयों और विभागों के बीच मौजूद horizontal और vertical सीमाओं (क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दीवारों) को तोड़ना बेहद जरूरी है।
- टीम वर्क: अलग-अलग मंत्रालयों के रूप में सोचने के बजाय पूरी केंद्र सरकार को ‘एक टीम’ (Whole-of-Government Approach) के रूप में काम करना चाहिए। बेहतर तालमेल से ही नीतियों का जमीनी असर अधिक प्रभावी होगा।
ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
- तकनीकी आत्मनिर्भरता: भारत बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में बड़ा निवेश कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही स्वदेशी तकनीकों और घरेलू क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
- ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा: पीएम मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जुड़ी है। इसलिए नवाचार और क्षमता विस्तार के जरिए ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है।
- उभरते साइबर खतरे: तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर सुरक्षा पर बराबर ध्यान देने और नए साइबर खतरों के प्रति 24×7 सतर्क रहने का निर्देश दिया गया।
सुधार, युवा भागीदारी और संवाद पर प्रमुख निर्देश
- सुधार एक निरंतर प्रक्रिया: पीएम ने कहा कि ‘रिफॉर्म’ (Sudhaar) केवल एक शब्द नहीं, बल्कि प्रभावी शासन की लगातार चलने वाली आवश्यकता है। प्रक्रियाओं को सरल और संस्थागत दक्षता को बेहतर बनाना होगा।
- युवाओं और उद्योगों का तालमेल: साइबर सुरक्षा में युवा इनोवेटर्स को जोड़ने और भविष्य के उद्योगों की जरूरत के हिसाब से नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम (Curriculum) तैयार करने की सलाह दी गई, ताकि कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) तैयार हो सके।
- सक्रिय संवाद (Proactive Communication): रणनीतिक क्षेत्रों में सरकार की बड़ी पहलों पर सही जानकारी जनता तक पहुँचाने और अफवाहों या बेबुनियाद आशंकाओं को खारिज करने के लिए सक्रिय संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया।

