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Thursday, August 6, 2026

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बेंगलुरु: कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उपजा सियासी संकट, कांग्रेस ‘डैमेज कंट्रोल’ में जुटी

सीएम डीके शिवकुमार और सुरजेवाला ने संभाली कमान; बागी विधायक यशवंतरायगौडा पाटील ने वापस लिया इस्तीफा

बेंगलुरु:

कर्नाटक में सोमवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से ही सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक असंतोष गहरा गया है। 19 नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद कई वरिष्ठ विधायक और उनके समर्थक सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जता रहे हैं।

इस बढ़ते राजनीतिक संकट को टालने के लिए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला खुद मैदान में उतर चुके हैं और बागी नेताओं को मनाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।

यशवंतरायगौडा पाटील ने इस्तीफा वापस लिया

पार्टी नेतृत्व की ओर से शुरू किए गए संपर्क अभियान का सकारात्मक असर देखने को मिला है:

  • इस्तीफा वापस: इंडी विधानसभा सीट से विधायक यशवंतरायगौडा वी. पाटील, जिन्होंने सोमवार को अपना इस्तीफा सौंपा था, उन्होंने बुधवार को विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा आधिकारिक रूप से वापस ले लिया।
  • सीएम की सख्त चेतावनी: विधायकों द्वारा दिए जा रहे इस्तीफों की धमकियों पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “यदि कोई विधायक इस्तीफा देता है तो पार्टी उसे बिना देरी स्वीकार कर लेगी।” हालांकि, उन्होंने धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए विभिन्न बोर्डों और निगमों में अध्यक्ष पदों पर जल्द नियुक्तियों का आश्वासन दिया है।

कर्नाटक कांग्रेस विवाद से जुड़ी 5 प्रमुख बातें

  1. गुब्बी विधायक के बदले सुर: मंत्री पद न मिलने से नाराज गुब्बी विधायक एस. आर. श्रीनिवास ने सीएम शिवकुमार से मुलाकात के बाद अपने कड़े तेवर नरम किए।
  2. नेताओं का घर-घर जाकर संवाद: सीएम और सुरजेवाला ने बेंगलुरु विधायक एम. कृष्णप्पा के घर जाकर उनसे चर्चा की। वहीं, मंत्रियों के एक समूह ने पूर्व मंत्री टीबी जयचंद्र को मनाया।
  3. बीके हरिप्रसाद का मोर्चा: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता बी. के. हरिप्रसाद ने एचके पाटील, दिनेश गुंडू राव और बेलूर गोपालकृष्ण जैसे वरिष्ठ नेताओं के आवास पर जाकर व्यक्तिगत बातचीत की।
  4. 30 से 35 बागी विधायकों की बैठक का दावा: विधायक नारायणस्वामी ने दावा किया कि कैबिनेट में स्थान न पाने वाले 30 से 35 विधायक जल्द ही एक अलग बैठक कर आगे की रणनीति बनाएंगे। उनका आरोप है कि कोलार और चिकबल्लापुर जिलों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
  5. सिद्धारमैया की गैरमौजूदगी पर सफाई: पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न होने से उनकी नाराजगी की खबरें थीं, जिसे उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया और सीएम ने उनके जन्मदिन का हवाला देकर खारिज कर दिया।

कैबिनेट समीकरण और आगे की राह

कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित कुल 34 कैबिनेट पद स्वीकृत हैं। 19 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद अब केवल एक (1) पद रिक्त बचा है। ऐसे में सीमित पदों और अधिक दावेदारों के बीच असंतोष को शांत करना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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