शुभेंदु अधिकारी ने ‘पश्चिम बंगाल लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ का किया ऐलान; मुफ्त बस यात्रा और चिकित्सा सहायता भी मिलेगी
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को राज्य के 325 लोकतंत्र सेनानियों के लिए एक महत्वपूर्ण और बड़े कल्याणकारी कदम की घोषणा की है। आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान जेल गए इन 325 लोगों को राज्य सरकार की ओर से हर महीने 10,000 रुपये की पेंशन दी जाएगी।
सरकार ने इन सभी व्यक्तियों को आधिकारिक रूप से ‘पश्चिम बंगाल लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ से सम्मानित किया है और इसे अपनी सरकार के 90 दिनों के भीतर किए गए वादे की पूर्ति के रूप में प्रस्तुत किया है।
लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाले मुख्य लाभ
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा घोषित योजना के तहत लाभार्थियों और उनके परिवारों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जाएंगी:
- मासिक पेंशन: प्रत्येक चिन्हित लाभार्थी को प्रतिमाह 10,000 रुपये की सम्मान पेंशन मिलेगी।
- मुफ्त परिवहन: राज्य की सरकारी बसों में जीवनभर मुफ्त यात्रा की सुविधा।
- चिकित्सा सहायता: सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान प्रत्येक लाभार्थी को 1,000 रुपये की अतिरिक्त चिकित्सा सहायता।
- पारिवारिक सुरक्षा: यदि मूल लाभार्थी की मृत्यु हो चुकी है या भविष्य में होती है, तो यह पेंशन और लाभ उनकी जीवित पत्नी या पति को दिए जाएंगे।
इमरजेंसी और लाभार्थियों से जुड़े मुख्य तथ्य
| विवरण | आंकड़े व जानकारी |
|---|---|
| इमरजेंसी लागू होने की तिथि | 25 जून 1975 |
| देशभर में कुल गिरफ्तारियां | लगभग 1,00,000 लोग जेल गए |
| पश्चिम बंगाल से अनुमानित संख्या | करीब 5,000 लोगों के जेल जाने का दावा |
| वर्तमान में चिन्हित लाभार्थी | 325 लोग (प्रथम चरण में) |
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर विशेष योजना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकारों पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और बंगाल के राष्ट्रवादी इतिहास की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने घोषणा की कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर 13 अगस्त को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी। यह समिति स्कूली पाठ्यक्रमों और किताबों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों तथा बंगाल विभाजन के ऐतिहासिक तथ्यों को शामिल करने के प्रस्तावों पर काम करेगी।

