आंदोलनकारियों को अराजक बताने वालों पर साधा निशाना; गांधीजी की अहिंसा को बताया सीजेपी आंदोलन की ताकत
छत्रपति संभाजीनगर:
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलनकारियों को ‘राष्ट्रविरोधी’, ‘अराजकतावादी’ और ‘हिंसक’ बताए जाने के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) स्थित अपने आवास पर महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी से मुलाकात के बाद दीपके ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गांधी परिवार का उनके साथ खड़ा होना ही उनकी देशभक्ति और अहिंसक सोच का सबसे बड़ा प्रमाण है।
दीपके ने कहा कि आंदोलन के दौरान उन पर और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए गए, लेकिन तुषार गांधी का समर्थन इस बात को साबित करता है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अहिंसक और देशहित में था।
अभिजीत दीपके के संबोधन के मुख्य बिंदु
- गांधीवादी विचारधारा की शक्ति: दीपके ने आरोप लगाया कि जिस विचारधारा ने महात्मा गांधी की हत्या की, वह आज भी उनके विचारों को मिटाने की कोशिश कर रही है। गांधीजी के विचार देश की आत्मा हैं और आंदोलन उनकी अहिंसा के रास्ते पर चलकर ही सफल हुआ।
- विदेशी आंदोलनों से तुलना पर जवाब: उन्होंने कहा कि पहले उनके आंदोलन की तुलना नेपाल और बांग्लादेश से की गई, लेकिन जब पूरी दुनिया बापू के विचारों से सीख लेती है तो भारत के युवाओं को कहीं और देखने की जरूरत नहीं है।
- युवाओं के संयम की सराहना: दीपके ने कहा कि आंदोलन में शामिल युवाओं ने भारी दबाव और लाठीचार्ज के बावजूद धैर्य और शांति का परिचय दिया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयानों पर आपत्ति
| बिंदु | दीपके द्वारा दिया गया वक्तव्य |
| सरकारी दावों पर सवाल | दीपके ने कहा कि किरेन रिजिजू सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर बयानबाजी कर रहे हैं और जमीनी सच्चाई को नकार रहे हैं। |
| पुलिस कार्रवाई का सच | उन्होंने कहा कि अगर यह दावा किया जा रहा है कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग या हिंसा नहीं की, तो यह पूरी तरह असत्य है। |

