आरोपी के मकान में तीन साल तक रहे थे किराएदार, विपक्ष के निशाने पर आए एफडीए मंत्री नरहरि झिरवल
मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच अब राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग तक पहुंच गई है। भर्ती परीक्षा का सीधा संबंध एफडीए विभाग से होने के कारण विभागीय मंत्री नरहरि झिरवल विपक्ष के सीधे निशाने पर आ गए हैं। मामले में नया मोड़ तब आया जब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा मंत्री के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) गणेश देवरे से सघन पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई।
जांच में सामने आया है कि गणेश देवरे पिछले लगभग तीन वर्षों से पेपर लीक कांड के मुख्य आरोपी गौरव पाटिल के मकान में किराएदार के रूप में रह रहे थे। इस तथ्य के उजागर होने के बाद राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क सीधे मंत्रालय से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि, गणेश देवरे ने मीडिया के समक्ष आकर पेपर लीक मामले से किसी भी तरह के जुड़ाव से साफ इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौरव पाटिल के मकान में किराए पर रहना केवल एक संयोग था और उनका इस आपराधिक कृत्य से कोई संबंध नहीं है। देवरे ने बिना किसी ठोस प्रमाण के उनकी छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। कृषि विभाग के मूल अधिकारी देवरे को प्रतिनियुक्ति पर मंत्री झिरवल का ओएसडी बनाया गया था, जिन्हें बीते 25 अगस्त को पद से कार्यमुक्त कर दिया गया था।

