28 C
Mumbai
Sunday, September 20, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

अमेरिकी फेड के सख्त रुख से आरबीआई पर बढ़ा दबाव: अक्तूबर में रेपो रेट बढ़ाने की संभावना, यस बैंक की रिपोर्ट में खुलासा

भारत-अमेरिका ब्याज दरों का अंतर घटा, विदेशी निवेशकों की निकासी और महंगाई बनी बड़ी चुनौती

मुंबई: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीतियों को कड़ा किए जाने के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पर भी नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दबाव तेज हो गया है। वित्तीय शोध संस्थान यस बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच नीतिगत ब्याज दरों का अंतर घटने के चलते आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा (एमपीसी) में आरबीआई द्वारा रेपो रेट में इजाफा किए जाने के आसार बढ़ गए हैं। हालांकि, केंद्रीय बैंक का अंतिम फैसला घरेलू आर्थिक वृद्धि और खुदरा महंगाई की समग्र स्थिति के संतुलन पर ही निर्भर करेगा।

अक्तूबर में क्यों बढ़ सकती हैं नीतिगत दरें? शोध रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू और वैश्विक स्तर पर कई ऐसे आर्थिक संकेतक हैं जो आरबीआई को सख्त कदम उठाने के लिए बाध्य कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती बनी हुई है, जिससे आयात बिल बढ़ने का जोखिम है। इसके साथ ही हालिया महीनों में खुदरा महंगाई (सीपीआई) और मुख्य महंगाई (कोर इंफ्लेशन) दोनों के आंकड़ों में उछाल दर्ज किया गया है। दोनों देशों के बीच ब्याज दरों के अंतर में आई कमी के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) लगातार घरेलू शेयर बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे मुद्रा बाजार और भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ रहा है।

अमेरिकी फेड के फैसले ने बदली बाजार की धारणा अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करते हुए इसे 3.75 से 4 प्रतिशत के दायरे में पहुंचा दिया है। फेडरल रिजर्व ने यह निर्णय 12-0 के पूर्ण बहुमत से सर्वसम्मति से लिया है। इसके अतिरिक्त, फेड ने महंगाई और आर्थिक विकास के अनुमानों को बढ़ाने के साथ बेरोजगारी के अनुमान में कटौती की है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सख्त रुख ने वैश्विक वित्तीय बाजारों की धारणा को प्रभावित किया है, और अब निवेशक इस बात की भी संभावना जता रहे हैं कि अमेरिकी फेड वर्ष के अंत तक दरों में 25 आधार अंकों की एक और बढ़ोतरी कर सकता है।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here