चांगलांग: पांगसाउ दर्रे पर भारत-म्यांमार बॉर्डर हाट का फिर से शुभारंभ, नमपोंग में बनेगा लैंड पोर्ट
चांगलांग:
भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के नमपोंग में स्थित ऐतिहासिक पांगसाउ दर्रे पर ‘भारत-म्यांमार बॉर्डर हाट’ (Border Haat) का औपचारिक रूप से फिर से शुभारंभ किया गया।
राज्य के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री न्यातो दुकाम ने दोनों देशों के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में इसका उद्घाटन किया।
नमपोंग में विकसित होगा आधुनिक ‘लैंड पोर्ट’
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री न्यातो दुकाम ने घोषणा की कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए नमपोंग में जल्द ही एक आधुनिक भूमि बंदरगाह (Land Port) विकसित किया जाएगा।
- व्यापारिक केंद्र: मंत्री ने कहा कि पांगसाउ दर्रा ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार इसे उत्तर-पूर्व भारत और म्यांमार के बीच क्षेत्रीय व्यापार व संपर्क (Connectivity) का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: बॉर्डर हाट के शुरू होने से सीमावर्ती गांवों के लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे तथा स्थानीय कृषि व हस्तशिल्प उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा।
दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल रहे मौजूद
इस अवसर पर भारत और म्यांमार दोनों पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिकारी व प्रतिनिधि शामिल हुए:
- भारतीय पक्ष: नमपोंग के विधायक लाइसम सिमाई, व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री के सलाहकार डॉ. महेश चाई, राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा असम राइफल्स के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- म्यांमार पक्ष: म्यांमार के पांगसाउ नगर के अध्यक्ष, म्यांमार सेना व पुलिस के प्रतिनिधि तथा यूनाइटेड तांगशांग समिति व स्थानीय बाजार समितियों के पदाधिकारी शामिल हुए।
दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी आर्थिक सहयोग, व्यापारिक सुगमता और सीमा पार के पारंपरिक सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने पर सहमति जताई।

