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Friday, June 5, 2026

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नीलकंठ मिश्रा बने विश्व बैंक के नए कार्यकारी निदेशक: एसीसी ने दी मंजूरी; पूर्व IAS परमेश्वरन अय्यर की लेंगे जगह

नई दिल्ली: देश के प्रख्यात अर्थशास्त्री और वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ नीलकंठ मिश्रा को वाशिंगटन (अमेरिका) स्थित विश्व बैंक (World Bank) में भारत का नया कार्यकारी निदेशक (Executive Director) नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC – Appointment Committee of the Cabinet) ने गुरुवार (4 जून 2026) को इस हाई-प्रोफाइल और रणनीतिक नियुक्ति पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी है। नीलकंठ मिश्रा का यह कार्यकाल उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए होगा।

परमेश्वरन अय्यर के स्थान पर संभालेंगे कमान; मिला सेवा विस्तार

विश्व बैंक के इस रसूखदार पद पर नीलकंठ मिश्रा पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी परमेश्वरन अय्यर की जगह लेंगे। उत्तर प्रदेश कैडर के 1981 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी परमेश्वरन अय्यर को फरवरी 2023 में तीन साल के लिए विश्व बैंक भेजा गया था, जिनका कार्यकाल अब पूरा होने जा रहा है।

कैबिनेट नियुक्ति समिति के नए आदेश के अनुसार, जब तक नीलकंठ मिश्रा वाशिंगटन डीसी स्थित विश्व बैंक मुख्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार पूरी तरह नहीं संभाल लेते, तब तक व्यवस्था बनाए रखने के लिए परमेश्वरन अय्यर ही इस पद पर बने रहेंगे। इसके लिए एसीसी ने अय्यर के सेवा विस्तार (Extension) को विशेष रूप से मंजूरी दी है, जो आगामी 19 जून 2026 की निर्धारित समय सीमा के बाद भी प्रभावी रहेगा।

पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और क्रेडिट सुइस के सह-प्रमुख

नीलकंठ मिश्रा भारत के आर्थिक नीति निर्धारण और वैश्विक वित्तीय बाजारों का एक बेहद प्रतिष्ठित व सम्मानित नाम हैं। वह वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अंशकालिक सदस्य (Part-time Member) के रूप में देश को अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो सीधे प्रधानमंत्री को जटिल आर्थिक मुद्दों पर स्वतंत्र और रणनीतिक सलाह देती है। इसके साथ ही, मिश्रा के पास कॉर्पोरेट वर्ल्ड का भी लंबा अनुभव है; वे दिग्गज वित्तीय संस्थान ‘क्रेडिट सुइस’ (Credit Suisse) में एशिया पैसिफिक के इक्विटी स्ट्रैटेजी के सह-प्रमुख और इंडिया स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में शीर्ष जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

आईआईटी कानपुर के गोल्ड मेडलिस्ट और प्रशासनिक अनुभव

नीलकंठ मिश्रा का शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। वे देश के अग्रणी संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), कानपुर के पूर्व छात्र हैं, जहाँ उन्होंने अपनी मेधा के दम पर प्रतिष्ठित ‘गोल्ड मेडल’ हासिल किया था। अपनी तीक्ष्ण और व्यावहारिक आर्थिक समझ के चलते केंद्र सरकार उन्हें समय-समय पर कई महत्वपूर्ण नियामक निकायों में जिम्मेदारी सौंपती रही है। मिश्रा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के अंशकालिक अध्यक्ष और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के अंशकालिक सदस्य के रूप में भी अपनी सफल भूमिकाएं निभा चुके हैं।

वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ेगा दबदबा

वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में विश्व बैंक के भीतर कार्यकारी निदेशक का पद अत्यंत नीतिगत और दूरगामी माना जाता है। इस वैश्विक भूमिका में नीलकंठ मिश्रा अमेरिका में बैठकर न केवल भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विकास और वित्तीय नीतियों को नया आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगे। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि मिश्रा के पास निजी वित्तीय बाजारों की गहरी समझ और सरकारी नीतियों के संचालन का जो अनूठा मिश्रण है, वह विश्व बैंक के मंच पर भारत और दक्षिण एशियाई देशों के हितों को और अधिक मजबूती से रखने में गेमचेंजर साबित होगा।

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