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Wednesday, June 24, 2026

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कतर गैस प्लांट में भीषण विस्फोट: 12 भारतीय मजदूरों की दर्दनाक मौत, कतर के अमीर ने पीएम मोदी को फोन कर जताया विधिक दुख; तकनीकी खराबी बना कारण

दोहा/नई दिल्ली: कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी (Ras Laffan Industrial City) में स्थित एक प्रमुख गैस प्लांट में सोमवार (22 जून 2026) को हुए एक भीषण और दिल दहला देने वाले विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों (मजदूरों) की दर्दनाक मौत हो गई। इस अंतरराष्ट्रीय त्रासदी के बाद भारत और कतर दोनों देशों में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद विधिक घड़ी में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने खुद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर इस भयावह हादसे पर गहरा विधिक व मानवीय दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फोन कॉल और संकट के समय कतर सरकार द्वारा दिखाए गए विधिक व कूटनीतिक सौहार्द के लिए अमीर का धन्यवाद किया। दोनों राजनेताओं ने जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों का दर्द साझा किया और अस्पतालों में भर्ती गंभीर रूप से झुलसे घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। पीएम मोदी ने कतर प्रशासन द्वारा घायलों को तुरंत मुहैया कराई गई उच्च स्तरीय चिकित्सा सहायता की विशेष विधिक सराहना की।

1. बरजान गैस आपूर्ति सुविधा में तकनीकी खराबी के कारण हुआ हादसा

कतर की सरकारी तेल और गैस कंपनी ‘कतर एनर्जी एलएनजी’ (QatarEnergy LNG) द्वारा संचालित बरजान गैस आपूर्ति सुविधा (Barzan Gas Project) में यह विधिक दुर्घटना घटी।

  • कोई साजिश नहीं: कतर के ऊर्जा राज्य मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने आधिकारिक विधिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि यह धमाका किसी भी प्रकार की आतंकवादी या बाहरी साजिश का हिस्सा नहीं था।
  • विस्फोट का कारण: यह प्लांट दिसंबर 2025 से वार्षिक रखरखाव और बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य (Maintenance) के लिए पूरी तरह बंद पड़ा था। इस विधिक काम के पूरा होने के बाद, हादसे से ठीक दो दिन पहले ही प्लांट को दोबारा चालू (Restart) किया गया था। लेकिन रिस्टार्ट के दौरान एक गंभीर तकनीकी खराबी (Technical Glitch) आ गई, जिससे गैस पाइपलाइनों में अत्यधिक दबाव के कारण अचानक जोरदार धमाका हुआ और भीषण आग फैल गई। इस आग ने वहां ड्यूटी पर तैनात मजदूरों को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं दिया।

2. हताहतों का आधिकारिक विधिक विवरण: 12 भारतीय शामिल

दोहा में स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Doha) कतर के आंतरिक मंत्रालय और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर विधिक प्रक्रियाओं और शवों को भारत भेजने की व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहा है।

भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सभी 66 घायलों का इलाज कतर के अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटरों में चल रहा है और चिकित्सा बुलेटिन के अनुसार सभी की हालत पूरी तरह स्थिर (Stable) बनी हुई है।

वैश्विक व्यापार और एलएनजी निर्यात पर कोई असर नहीं
कतर एनर्जी के महानिदेशक ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को आश्वस्त करते हुए एक विधिक नोटिस जारी किया है कि इस स्थानीयकृत (Localized) हादसे के बावजूद देश के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात और रास लफान बंदरगाह (Port) के कामकाज पर कोई विधिक या वाणिज्यिक प्रभाव नहीं पड़ा है। भारत सहित दुनिया के अन्य देशों को होने वाली एलएनजी की आपूर्ति और जहाजों का आवागमन पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है।

भारत और कतर के विदेश मंत्रालयों ने संयुक्त बयान में जोर दिया है कि वे अपने प्रवासी श्रमिकों के विधिक अधिकारों, मुआवजे और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इस मुश्किल वक्त में दोनों मित्र राष्ट्र एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।

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