चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। मशहूर अभिनेता से राजनेता बने चंद्रशेखर जोसेफ विजय ने आज आधिकारिक तौर पर राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। चेन्नई के ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली।
भव्य शपथ ग्रहण और नई कैबिनेट
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस शानदार कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
मंत्रिमंडल: विजय के साथ उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नौ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
उपस्थिति: इस ऐतिहासिक पल के गवाह कई राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता, फिल्मी जगत की मशहूर हस्तियां और हजारों की संख्या में पहुंचे समर्थक बने।
प्रधानमंत्री मोदी की बधाई और विजय का जवाब
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर नए मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हुए राज्य के विकास के लिए केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री विजय का प्रत्युत्तर:
प्रधानमंत्री के संदेश पर आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य जनता की भलाई और प्रगति है। उन्होंने राज्य के निरंतर विकास के लिए केंद्र सरकार से सक्रिय समर्थन और रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई।
पहले भाषण के मुख्य वादे: ‘नई शुरुआत’ का संकल्प
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद स्टेडियम में मौजूद विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए विजय ने अपनी सरकार का विजन साझा किया। उन्होंने कई महत्वपूर्ण वादे किए:
धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय: विजय ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार ‘असली, धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय’ के सिद्धांतों पर आधारित होगी।
नई शुरुआत: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राज्य में एक बिल्कुल ‘नई शुरुआत’ करेगी जो पुरानी राजनीति से हटकर होगी।
जनता का कर्ज: उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे अपने सफल सिनेमाई करियर को पूरी तरह पीछे छोड़कर केवल जनता की सेवा के लिए आए हैं। उनका लक्ष्य तमिलनाडु की जनता द्वारा मिले प्यार और समर्थन के कर्ज को सेवा के माध्यम से चुकाना है।
तमिलनाडु की राजनीति में विजय का यह उदय न केवल एक नई पार्टी का शासन है, बल्कि इसे राज्य के राजनैतिक परिदृश्य में एक बहुत बड़े और निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार अपने इन क्रांतिकारी वादों को धरातल पर कैसे उतारती है।

