सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच शिंदे का बयान, कहा- बालासाहेब के लिए जीवन से भी अधिक प्रिय था ‘धनुष-बाण’
नई दिल्ली: शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जारी कानूनी खींचतान के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की मांग को लेकर विपक्षी खेमे को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पहले सत्ता के लिए बालासाहेब ठाकरे के मूल सिद्धांतों और विचारधारा को छोड़ा और अब उस पवित्र चुनाव चिह्न को निशाना बना रहे हैं, जो बालासाहेब को अत्यंत प्रिय था।
एकनाथ शिंदे शिवसेना विवाद से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट में चल रही महत्वपूर्ण सुनवाई के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं।
‘संविधान और चुनाव आयोग की शक्तियों से जुड़ा मामला’
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि यह मामला केवल दो गुटों का विवाद नहीं है, बल्कि इसमें संविधान, पार्टी के लोकतांत्रिक संविधान और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की संवैधानिक शक्तियों से जुड़े अहम पहलू शामिल हैं।
उन्होंने तीखे लहजे में कहा, “धनुष-बाण का चुनाव चिह्न बालासाहेब ठाकरे के लिए जीवन से भी अधिक प्रिय था। वह अपने निजी पूजा स्थल में इसकी विधिवत पूजा किया करते थे। वर्ष 2019 में विपक्ष ने बालासाहेब की विचारधारा को फ्रीज किया, प्रखर हिंदुत्व को फ्रीज किया, महाराष्ट्र की जनता के जनादेश को दरकिनार कर फ्रीज किया और बालासाहेब द्वारा रचित पार्टी के संविधान को भी फ्रीज कर दिया। अब वे इस ऐतिहासिक चुनाव चिह्न को भी फ्रीज कराने की कोशिश कर रहे हैं।”
‘बालासाहेब की नीतियों को मिटाने का हो रहा प्रयास’
शिंदे ने आरोप लगाया कि विपक्षी गुट बालासाहेब ठाकरे के विचारों, हिंदुत्व के प्रति उनके स्पष्ट दृष्टिकोण और मूल पार्टी नीतियों को पूरी तरह समाप्त करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के तहत सत्य की ही जीत होगी।

