पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत (207 सीटें) के बावजूद, निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उनके इस फैसले ने राज्य में एक अभूतपूर्व संवैधानिक और राजनीतिक गतिरोध पैदा कर दिया है।
1. ममता बनर्जी का रुख: “इस्तीफा नहीं, बर्खास्तगी मंजूर”
नवनिर्वाचित टीएमसी विधायकों की बैठक में ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
- चुनाव पर सवाल: उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को ‘चुनाव’ के बजाय ‘अत्याचार’ बताया और दावा किया कि उनके उम्मीदवारों को साजिश के तहत हराया गया।
- संस्थाओं पर हमला: उन्होंने राज्य पुलिस, केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया।
- विरोध का नया तरीका: उन्होंने समर्थकों से संघर्ष जारी रखने को कहा और घोषणा की कि टीएमसी विधायक विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
- भीतरघातियों को चेतावनी: ममता ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान पार्टी से गद्दारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
2. भाजपा की प्रतिक्रिया: “लोकतंत्र पर प्रहार”
भाजपा ने ममता बनर्जी के इस फैसले को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया है:
- धर्मेंद्र प्रधान: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र ‘बंदूक की नोक’ पर है और हार स्वीकार न करना ममता बनर्जी की अलोकतांत्रिक मानसिकता को दर्शाता है।
- समिक भट्टाचार्य: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि जनता का जनादेश स्पष्ट है और दीदी को हठ छोड़कर संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
3. विपक्षी समर्थन: संजय राउत का साथ
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने ममता बनर्जी के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह ‘तानाशाही’ के खिलाफ लड़ने का समय है और इंडिया (INDIA) गठबंधन ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़ा है।
4. संवैधानिक स्थिति: क्या होगा आगे?
ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने की स्थिति में राज्यपाल के पास सीमित लेकिन स्पष्ट विकल्प हैं:
- बर्खास्तगी: यदि मुख्यमंत्री स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं सौंपती हैं, तो राज्यपाल नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए निवर्तमान मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं।
- समय सीमा: वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद स्वतः ही नई सरकार की प्रक्रिया शुरू होनी अनिवार्य है।
- सरकार बनाने का दावा: भाजपा, जो 207 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत में है, राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।
5. इंडिया (INDIA) गठबंधन और भविष्य की रणनीति
ममता बनर्जी ने दावा किया है कि इस हार के बाद इंडिया गठबंधन और अधिक मजबूत हुआ है। वे अब राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा विरोधी मोर्चाबंदी को और तेज करने की योजना बना रही हैं। कल (7 मई) कोलकाता में अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

