दवाओं के भंडारण में लापरवाही और ‘रिएक्टिन प्लस’ के अनधिकृत दावों पर गिरी गाज, मुंबई के 4 फूड आउटलेट्स भी सस्पेंड
पुणे/मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कड़ा कदम उठाते हुए सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड की पुणे स्थित ‘कैरी एंड फॉरवर्डिंग’ (C&F) यूनिट का दवा बिक्री लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई पुणे जिले के वाडकी स्थित कंपनी के मुख्य गोदाम में दवाओं के भंडारण, रिकॉर्ड संधारण, पैकेजिंग और बाजार से दवा वापस मंगाने (Recall) की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद की गई है। लाइसेंस निरस्तीकरण का यह आदेश 27 अगस्त से प्रभावी हो गया है।
गोदाम में मिलीं गंभीर खामियां और स्टॉक में अंतर एफडीए की जांच टीम को निरीक्षण के दौरान कई जीवनरक्षक दवाएं बिना पैलेट और रैक के सीधे फर्श पर रखी मिलीं। इसके अलावा, कंपनी के डिजिटल सिस्टम में दर्ज स्टॉक और गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। दवाओं की खरीद-बिक्री के बिलिंग रिकॉर्ड और एक्सपायर्ड (अवधि पार) दवाओं के सुरक्षित निस्तारण से जुड़ी तय मानक प्रक्रियाओं में भी भारी लापरवाही उजागर हुई।
‘रिएक्टिन प्लस’ टैबलेट पर भ्रामक दावे और जब्ती निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ‘शेड्यूल एच’ श्रेणी की प्रिस्क्रिप्शन दवा ‘रिएक्टिन प्लस’ की पैकेजिंग पर नियमों के विरुद्ध अनधिकृत दावे मुद्रित किए गए थे। एफडीए ने इन भ्रामक दावों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमों का उल्लंघन मानते हुए लगभग 11.19 लाख रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त किया था। विभाग द्वारा इस दवा के पूरे बैच को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश देने के बावजूद कंपनी द्वारा तय दिशानिर्देशों का संतोषजनक पालन नहीं किया गया।
‘सार्वजनिक स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं’: तुकाराम मुंडे कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उसके जवाब की समीक्षा के बाद एफडीए ने लाइसेंस रद्द करने की अंतिम कार्रवाई की। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और दवा सुरक्षा के मानकों पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले दवा निर्माताओं और वितरकों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाते रहेंगे।
मुंबई में चार बड़े फूड आउटलेट्स पर भी गिरी गाज औषधि क्षेत्र के अलावा खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर भी एफडीए का सख्त रुख देखने को मिला। मुंबई में अस्वच्छ परिस्थितियों, कीड़े-मकोड़े मिलने, अत्यधिक कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल और बार-बार जले हुए तेल के उपयोग के चलते अक्षय कैटरर्स, क्राफ्टपैक हॉस्पिटैलिटी, मैरियन होटल एंड रेस्टोरेंट और भगवती स्टोर्स के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।

