चेन्नई, 27 मार्च 2026
तमिलनाडु के प्रतिष्ठित अन्ना विश्वविद्यालय में एक सीनियर प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न और पीछा करने (Stalking) के गंभीर आरोपों के बाद कैंपस में भारी तनाव व्याप्त है। एक छात्रा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रोफेसर ज्ञानवेल बाबू के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
घटना का विवरण और आरोप
पीड़ित छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उत्पीड़न का यह सिलसिला पिछले दो वर्षों से चल रहा था। छात्रा के मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
- निरंतर प्रताड़ना: प्रोफेसर पिछले दो साल से उसका यौन उत्पीड़न कर रहा था और उसका पीछा भी करता था।
- अन्य पीड़ित: छात्रा का दावा है कि वह अकेली नहीं है; विभाग की कई अन्य महिला छात्राओं को भी इसी तरह की प्रताड़ना झेलनी पड़ी है।
- गोपनीय जांच की मांग: पीड़ित ने विभाग के भीतर एक सुरक्षित और गोपनीय जांच का अनुरोध किया है ताकि अन्य छात्राएं बिना किसी डर के सामने आ सकें।
पुलिस और विश्वविद्यालय की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और कानून व्यवस्था हरकत में आई है:
- कानूनी धाराएं: पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ ‘तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम, 1998’ और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 (पीछा करना) के तहत केस दर्ज किया है।
- निलंबन: छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन और पुलिस एफआईआर के बाद, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जांच पूरी होने तक प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है।
- छात्रों का आक्रोश: प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि इस मामले में पहले भी दो बार शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने तब इसे नजरअंदाज कर दिया।

