तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में सरकार बनाने की रस्साकशी तेज हो गई है। थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से वह अब भी 10 सीटें दूर है। इस बीच, मंगलवार को कांग्रेस ने दावा किया है कि विजय ने सरकार गठन के लिए उनसे समर्थन मांगा है।
यहाँ इस राजनीतिक घटनाक्रम की मुख्य बातें दी गई हैं:
1. खरगे के आवास पर हुई अहम बैठक
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर शामिल थे। बैठक के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पुष्टि की कि विजय ने समर्थन का अनुरोध किया है।
2. कांग्रेस की शर्त: ‘भाजपा को सत्ता से दूर रखना’
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता तमिलनाडु में भाजपा और उसके सहयोगियों को सत्ता से बाहर रखना है। वेणुगोपाल के अनुसार:
- तमिलनाडु का जनादेश एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए है।
- विजय ने अपनी राजनीति के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेता कामराज से प्रेरणा लेने की बात कही है, जो गठबंधन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
3. अंतिम निर्णय राज्य इकाई (TNCC) के हाथ में
कांग्रेस नेतृत्व ने गठबंधन पर अंतिम मुहर लगाने का अधिकार तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TNCC) को सौंप दिया है। इसकी महत्वपूर्ण बैठक बुधवार सुबह (6 मई) को चेन्नई में होगी, जिसमें राज्य की भावनाओं और चुनावी जनादेश को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला लिया जाएगा।
4. बहुमत का समीकरण: 10 विधायकों की तलाश
विजय की राह अब छोटी पार्टियों और निर्दलीयों के समर्थन पर टिकी है। बहुमत के लिए उन्हें 10 और विधायकों की जरूरत है:
- TVK: 108 सीटें (बहुमत के लिए 118 चाहिए)
- कांग्रेस: 05 सीटें
- PMK: 04 सीटें
- CPI/CPI-M: 04 सीटें (2-2 सीटें)
विश्लेषण: यदि कांग्रेस (5) और पीएमके (4) के साथ कम्युनिस्ट पार्टियां समर्थन देती हैं, तो विजय आसानी से 120+ के आंकड़े तक पहुँच जाएंगे।
5. शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, थलापति विजय ने 7 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी की है। उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। वहीं, पार्टी ने अपने सभी विधायकों को किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त (Horse-trading) से बचाने के लिए रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है।

