शरद पवार, सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे रहे मौजूद; सोशल मीडिया पर कायनात दारा को लेकर उड़ रही अफवाहों पर परिवार ने दिया स्पष्टीकरण
पुणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिवंगत नेता अजित पवार और महाराष्ट्र की उप-मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे तथा राज्यसभा सांसद पार्थ पवार ने कायनात दारा के साथ सगाई कर ली है। पुणे में आयोजित यह समारोह बेहद सादगीपूर्ण और पारिवारिक माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें परिवार के करीबी रिश्तेदारों और चुनिंदा राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की।
सगाई समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार सहित कई वरिष्ठ मंत्री और नेता मौजूद रहे। परिवार के सूत्रों के अनुसार, पार्थ और कायनात की शादी 27 फरवरी 2027 को बारामती में आयोजित की जाएगी।
कायनात दारा की पृष्ठभूमि पर फैलाए जा रहे भ्रम पर स्पष्टीकरण
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में कायनात दारा के नाम, जन्मस्थान और धर्म को लेकर चल रही गलत जानकारियों पर एनसीपी नेता उमेश पाटिल ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की:
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: कायनात दारा मूल रूप से चंडीगढ़ की रहने वाली हैं और वर्तमान में नई दिल्ली में निवास करती हैं। वे कश्मीरी नहीं, बल्कि एक पंजाबी हिंदू परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका समुदाय क्षत्रिय और गोत्र कश्यप है।
- शिक्षा और करियर: कायनात ने दिल्ली के द ब्रिटिश स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से इंटरनेशनल रिलेशंस में फर्स्ट क्लास ऑनर्स की डिग्री हासिल की है। उन्होंने पूर्व में NDTV 24×7 में रिपोर्टर व आउटपुट एडिटर के रूप में कार्य किया है और वर्तमान में अपने पारिवारिक हॉस्पिटैलिटी व रियल एस्टेट बिजनेस से जुड़ी हैं।
धार्मिक मान्यताओं व तिथि को लेकर शंकराचार्य का मार्गदर्शन
जनवरी में पिता अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद एक वर्ष के भीतर सगाई और विवाह की तिथियों को लेकर उठ रहे धार्मिक प्रश्नों पर परिवार ने करवीर पीठ के शंकराचार्य से मार्गदर्शन प्राप्त किया। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि शास्त्रों के अनुसार आवश्यक धार्मिक संस्कार सही विधि से पूरे होना आवश्यक है, परंतु माता या पिता के निधन के बाद एक वर्ष के भीतर ही विवाह संपन्न करना अनिवार्य नहीं है। इस मार्गदर्शन के पश्चात ही 27 फरवरी 2027 को बारामती में विवाह संपन्न कराने का निर्णय लिया गया।

