कुदाल और हथौड़ा की जगह बाल्टी सिंबल मिलने पर नाराजगी, नाम वापसी की तारीख बीतने के बाद किया बहिष्कार
मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर वाम मोर्चे के भीतर और राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। वाम मोर्चे के प्रमुख घटक दल रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) ने सोमवार देर रात आधिकारिक तौर पर चुनावी मुकाबले से हटने का बड़ा फैसला किया है। पार्टी ने इस अप्रत्याशित कदम के पीछे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उसके ऐतिहासिक व पारंपरिक चुनाव चिह्न ‘कुदाल और हथौड़ा’ (Spade and Stoker) के स्थान पर ‘बाल्टी’ (Bucket) चुनाव चिह्न आवंटित किए जाने को मुख्य कारण बताया है।
आरएसपी के पश्चिम बंगाल राज्य सचिव तपन होरे ने सोमवार रात एक आधिकारिक प्रेस बयान जारी कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने आखिरी समय में दल को उसके दशकों पुराने वैधानिक प्रतीक से वंचित कर दिया। उनके अनुसार, शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) पूरी होने के बाद आयोग के अधिकारियों ने पार्टी को सूचित किया कि रेजीनगर सीट पर आरएसपी को ‘कुदाल और हथौड़ा’ आवंटित करना संभव नहीं है, इसलिए उसके प्रत्याशी को स्वतंत्र रूप से ‘बाल्टी’ चिह्न पर ही चुनाव लड़ना होगा।
आयोग के इस फैसले को दल के सम्मान और पहचान के खिलाफ बताते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने चुनाव प्रक्रिया से दूरी बनाने का निर्णय लिया। हालांकि, नामांकन वापस लेने की अंतिम वैधानिक समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, जिसके चलते तकनीकी रूप से मतपत्र और ईवीएम में प्रत्याशी का नाम दर्ज रहेगा, लेकिन आरएसपी ने साफ किया है कि यह कदम एक कड़े राजनीतिक विरोध के तौर पर उठाया गया है। गौरतलब है कि आरएसपी ने शुरुआत में वाम मोर्चे के आधिकारिक उम्मीदवार के विरुद्ध जाकर अपने प्रत्याशी विकास चंद्र मिश्रा को इस सीट से मैदान में उतारा था।

