नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीट (NEET) व पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्षी दलों और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। नड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार संसद में इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष को छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
‘150 पेपर लीक का दावा जांच का विषय’
राहुल गांधी द्वारा संसद में लगभग 150 पेपर लीक के दस्तावेजों का जिक्र करने पर नड्डा ने कहा, “यह पूरी तरह से जांच का विषय है। एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते, केंद्र सरकार इसकी गहन जांच कराएगी और देश के सामने सच रखेगी।”
हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी की नीयत पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘सेलेक्टिव’ करार दिया। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी ने यूपीए और ‘इंडी’ गठबंधन की सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक के मामलों पर बात क्यों नहीं की? नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल का मकसद छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि इस मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंकना है।
नड्डा ने गिनाए विपक्षी शासित राज्यों में पेपर लीक के मामले
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में हुई परीक्षा धांधलियों की सूची सामने रखी:
- जम्मू-कश्मीर: सर्विस सेलेक्शन बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक (नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस सरकार)।
- हिमाचल प्रदेश: स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड में पेपर लीक (कांग्रेस सरकार)।
- झारखंड: JAC में हिंदी और साइंस का पेपर लीक (JMM-कांग्रेस सरकार)।
- तेलंगाना: इंटरमीडिएट और SSC परीक्षाओं में पेपर लीक (कांग्रेस सरकार)।
- तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब व केरल: बीएड, पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती और PSC परीक्षाओं में भारी अनियमितताएं।
‘संसद में 12 से 18 घंटे की चर्चा के लिए सरकार तैयार’
जेपी नड्डा ने दोहराया कि सरकार संसद के मंच पर हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वे कार्य सलाहकार समिति (BAC) में समय सीमा तय करें—चाहे 12 घंटे की चर्चा हो या 18 घंटे की। संसद ही वह सबसे उपयुक्त जगह है जहां मिलकर एक ठोस और स्थायी नीति बनाई जा सकती है।
राहुल गांधी ने लाठीचार्ज पर सरकार को घेरा था
इससे पहले, राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला था। राहुल ने कहा था कि देश के छात्र केवल निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है।

