स्थानीय निकाय चुनाव में विपक्षी प्रत्याशियों को रोकने का दावा, नायडू की तुलना महाभारत के शकुनि से की
पुलिवेंदुला: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की टीडीपी नीत एनडीए सरकार के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन पर स्थानीय निकाय चुनावों में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने और प्रशासनिक मशीनरी का खुला दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है।
मंगलवार को अपने गृह क्षेत्र पुलिवेंदुला में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी को अपनी उम्मीदवारी पेश करने का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाला गठबंधन जनता का विश्वास और समर्थन जीतने के बजाय विपक्ष के प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने से रोककर सत्ता हासिल करना चाहता है।
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के राजनीतिक तौर-तरीकों की तुलना महाभारत के पात्र शकुनि से करते हुए कहा कि छल-कपट की राजनीति लंबे समय तक नहीं चल सकती। जगन ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विजय केवल उसी दल या नेता की होनी चाहिए जिसे वास्तव में जनता का सच्चा जनादेश प्राप्त हो, न कि सत्ताबल के दुरुपयोग से मिली कृत्रिम जीत की।
राज्य के हालिया चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन द्वारा 17 शहरी निकायों में दर्ज की गई जीत चुनावी हेरफेर का उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन निकायों में टीडीपी को 15 अध्यक्ष पद हासिल हुए हैं, जबकि सहयोगी जनसेना और भाजपा के खाते में महज एक-एक पद गया है, जो वास्तविक चुनावी संतुलन को नहीं दर्शाता।
संबोधन के अंत में जगन मोहन रेड्डी ने वाईएसआरसीपी के कार्यकर्ताओं और विपक्षी समर्थकों से किसी भी प्रकार के दबाव या भय के आगे न झुकने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर मैदान में डटने की अपील की, हालांकि अपने पूरे वक्तव्य के दौरान उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन से किसी औपचारिक राजनीतिक अलगाव का कोई सीधा ऐलान नहीं किया।

