एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी में प्रोग्रामिंग विभाग संभालते थे कटियार, परिजनों ने काम के भारी तनाव को बताया वजह
बेंगलुरु: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के तहत आने वाली प्रतिष्ठित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) में कार्यरत एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। स्थानीय पुलिस ने मंगलवार को इस दुखद घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि वैज्ञानिक ने अपने आवासीय अपार्टमेंट की बहुमंजिला इमारत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतक की पहचान शरद कटियार के रूप में हुई है, जो रक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर और तकनीकी परियोजनाओं से जुड़े हुए थे। वह बेंगलुरु के केआर पुरम थाना क्षेत्र अंतर्गत सीगेहल्ली इलाके में स्थित एक प्रीमियम आवासीय सोसाइटी में अपने परिवार के साथ निवास कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई।
जांच में सामने आया है कि यह हृदयविदारक घटना 21 अक्तूबर की शाम लगभग साढ़े सात बजे से रात आठ बजे के मध्य पेश आई। शुरुआती छानबीन और परिजनों के बयानों से संकेत मिला है कि वह पिछले एक महीने से भी अधिक समय से पेशेवर दायित्वों और दफ्तर के काम के अत्यधिक दबाव से जूझ रहे थे। परिजनों का कहना है कि इसी कार्यभार के मानसिक तनाव का असर उनके दैनिक जीवन पर साफ दिखाई देने लगा था।
वरिष्ठ वैज्ञानिक शरद कटियार बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के समीप विमानपुरा स्थित एडीए के प्रोग्रामिंग विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह एयरोनॉटिकल और रक्षा अनुसंधान से जुड़े कई संवेदनशील और उच्च प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रामिंग विंग में वरिष्ठ स्तर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जहां लगातार काम की समयसीमा और तकनीकी जटिलताओं का दबाव बना रहता था।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मौत का प्रकरण दर्ज कर सभी संभावित कोणों से विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम वैज्ञानिक के कार्यस्थल के माहौल, उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सहकर्मियों से बातचीत कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या दफ्तर में अत्यधिक काम के दबाव के अलावा इस अप्रत्याशित कदम के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।

