मिजोरम सरकार ने ईंधन की बचत और सरकारी खर्चों में कटौती के लिए बड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद राज्य सरकार ने साप्ताहिक नो ऑफिशियल व्हीकल डे, कार्यालय समय में बदलाव और 20 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाएं लागू की हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी विभागों को अपने 20 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके अलावा, हर बुधवार को नो ऑफिशियल व्हीकल डे के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए पैदल चलने या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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हालांकि, स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन सेवाएं, जल और बिजली आपूर्ति, परिवहन सेवाएं तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों को वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था से बाहर रखा गया है। ईंधन की खपत कम करने और यातायात दबाव घटाने के लिए सरकारी कार्यालयों को दो शिफ्टों में संचालित किया जा रहा है। कृषि, शिक्षा, बिजली और सामान्य प्रशासन समेत 20 विभाग सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक काम करेंगे, जबकि गृह, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन समेत अन्य 20 विभागों का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है।
सरकार ने विभागों को भौतिक बैठकों की बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने और राज्य के भीतर व बाहर सरकारी यात्राओं को सीमित करने के निर्देश भी दिए हैं। सरकारी कर्मचारियों की विदेशी यात्राओं को भी हतोत्साहित किया गया है।
खर्चों में कटौती के तहत मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को वाहन काफिलों को छोटा करने को कहा गया है। साथ ही सभी कार्यालयों में बिजली बचत के सख्त उपाय लागू करने, कार्यालय समय के बाद लाइट, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि एयर कंडीशनर का इस्तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर ही किया जाए। इसके अलावा विभागों को समारोह और गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने की सलाह दी गई है।

