उपेक्षा और सम्मान न मिलने का आरोप लगाकर वार्ड-186 के नेताओं ने दिया इस्तीफा; मा. सुब्रमणियन ने कराया पार्टी में शामिल
चेन्नई:
तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से मुख्यमंत्री बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को जमीनी स्तर पर बड़ा सियासी झटका लगा है। चेन्नई के 25 से अधिक स्थानीय पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए रविवार को सामूहिक इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का दामन थाम लिया।
सैदापेट में आयोजित हुआ स्वागत समारोह
डीएमके में शामिल होने का मुख्य कार्यक्रम चेन्नई के सैदापेट में आयोजित किया गया। यहाँ वरिष्ठ डीएमके नेता और राज्य के मंत्री मा. सुब्रमणियन ने टीवीके छोड़कर आए सभी नेताओं का पार्टी का अंगवस्त्रम पहनाकर औपचारिक स्वागत किया।
पार्टी बदलने वाले इस समूह का नेतृत्व पुजुथिवक्कम (वार्ड-186) इकाई के पूर्व संयुक्त सचिव संतोष ने किया। उनके साथ वार्ड युवा विंग के संयोजक शिवनेसन, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष कार्तिक समेत कई प्रमुख बूथ व वार्ड स्तर के कार्यकर्ता डीएमके में शामिल हुए।
टीवीके नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
डीएमके की सदस्यता लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संतोष ने टीवीके के आंतरिक कामकाज पर सवाल उठाए:
- पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा: संतोष ने आरोप लगाया कि पार्टी की स्थापना के समय से खून-पसीना बहाने वाले वफादार कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया, जबकि नए आए लोगों को तवज्जो और पद बांटे गए।
- शिकायतों की अनदेखी: उन्होंने कहा कि जमीनी कार्यकर्ताओं ने कई बार शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी बात रखी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
- सम्मान की कमी: उन्होंने कहा कि अभिनेता विजय के प्रति आकर्षण के कारण वे टीवीके से जुड़े थे, लेकिन पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं को न तो सम्मान मिला और न ही काम करने का मौका।
डीएमके की कार्यप्रणाली की तारीफ
संतोष ने कहा कि डीएमके का संगठनात्मक ढांचा और कार्यप्रणाली बेहद मजबूत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डीएमके के साथ जुड़कर वे और उनके साथी जनता की समस्याओं का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान कर सकेंगे।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में आगामी चुनावों को देखते हुए टीवीके और डीएमके के बीच कैडर और जमीनी पकड़ को लेकर राजनीतिक खींचतान लगातार बढ़ती जा रही है।

