नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने का नया कीर्तिमान बनाने और कांग्रेस पर ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ को लेकर किए गए तीखे हमलों के बाद देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार (10 जून 2026) को प्रधानमंत्री के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने से जमीनी सच्चाई नहीं बदलती। खरगे ने आरोप लगाया कि वर्तमान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के पास अपनी वास्तविक उपलब्धियों के नाम पर दिखाने के लिए सिर्फ ‘इवेंट मैनेजमेंट’ और मनगढ़ंत कहानियां ही बची हैं।
नेहरू और इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड की दिलाई याद; भाजपा पर कसा तंज
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की नई श्रेणियों (Categories) पर तंज कसा। खरगे ने लिखा, “इतिहास को अपनी सहूलियत से तोड़ना-मरोड़ना बंद कीजिए, इससे सच नहीं बदलेगा। पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले महान नेता थे और लगातार सबसे लंबे कार्यकाल का अटूट रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज है। उनके बाद इंदिरा गांधी देश की दूसरी सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं। अब भाजपा को यह साबित करने के लिए कि स्वतंत्र भारत के पहले आम चुनाव के बाद सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री कौन रहा, एक नया और हास्यास्पद वर्गीकरण (क्लासिफिकेशन) खोजना पड़ रहा है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा को इतिहास की याद दिलाते हुए कड़े सवाल दागे:
- “देश को यह भी याद दिलाइए कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल किसकी कैबिनेट में देश के पहले उपप्रधानमंत्री थे?”
- “संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. बीआर आंबेडकर किसकी कैबिनेट में पहले कानून मंत्री बने थे?”
- “और भाजपा के वैचारिक प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी किसकी कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री के रूप में शामिल थे?”
12 वर्षों में केवल नारेबाजी और जनता से विश्वासघात का आरोप
खरगे ने पिछले 12 वर्षों के एनडीए शासनकाल की आर्थिक नीतियों और वादों की लंबी फेहरिस्त सामने रखते हुए सरकार को विफल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने, किसानों की आय दोगुनी करने, भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, 2023 तक बुलेट ट्रेन चलाने, जीएसटी (GST), नोटबंदी और नई शिक्षा नीति जैसे तमाम बड़े मुद्दों पर सरकार ने केवल भारी-भरकम प्रचार किया है। हकीकत में ये योजनाएं पूरी तरह विफल रही हैं और सरकार ने देश की जनता को महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के जाल में फंसाकर उनके भरोसे के साथ विश्वासघात किया है।
पीएम मोदी ने क्या कहा था? ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ नहीं, वह ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ था
मल्लिकार्जुन खरगे की यह तीखी प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण के बाद आई, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के पुराने आर्थिक मॉडल पर तीखा प्रहार किया था। अपने 37 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि साल 2014 से पहले देश कांग्रेस के लाचारी, अभाव और हीन भावना के दुष्चक्र में फंसा हुआ था।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा था, “देश को सालों तक यह मानने के लिए मजबूर कर दिया गया था कि भारत में तेज आर्थिक विकास संभव ही नहीं है और यहां तरक्की हमेशा धीमी गति से ही होगी। बड़ी चालाकी और साजिश के तहत इस लचर और धीमी आर्थिक वृद्धि को ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ का नाम दे दिया गया, जबकि इसकी विफलता और शैली पूरी तरह कांग्रेस की थी। इसका ठीकरा देश की विशाल और पवित्र हिंदू आबादी पर फोड़ा गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था।” पीएम मोदी ने आगे कहा था, “इसे वास्तव में ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ कहा जाना चाहिए था। यह कांग्रेस ग्रोथ रेट शासन की कमजोरी, लचर नीति, खराब नीयत और निर्णायक नेतृत्व के पूर्ण अभाव का प्रतीक था। 2014 के बाद देश इस दुष्चक्र से बाहर निकला है और ‘विकसित भारत’ का सपना अब किसी एक दल का नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों का सामूहिक संकल्प बन चुका है।”
लगातार सेवा देने का पीएम मोदी के नाम जुड़ा नया कीर्तिमान
उल्लेखनीय है कि बुधवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने का एक नया विशिष्ट कीर्तिमान दर्ज हुआ है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश-विदेश के शीर्ष नेताओं और वैश्विक राष्ट्राध्यक्षों के बधाई संदेशों का तांता लग गया, वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की विशेष बैठक में भी प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री का भव्य अभिनंदन किया गया।!

