30.6 C
Mumbai
Saturday, June 6, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा एलान: सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए लागू होगा ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्रोजेक्ट; 7-8 जगहों पर शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

अगरतला/नई दिल्ली: भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को पूरी तरह चाक-चौबंद और अत्याधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एलान किया है कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की तैनाती वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में अब ‘स्मार्ट बॉर्डर’ (Smart Border) प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इस नए विज़न के तहत तकनीकी और मानवीय सूझबूझ के मेल से एक ऐसा ‘लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड’ तैयार किया जाएगा, जिससे देश की सीमाएं पूरी तरह अभेद्य हो जाएंगी। ‘स्मार्ट बॉर्डर’ का यह पूरा कॉन्सेप्ट अब अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही देश की अलग-अलग सीमाओं के 7 से 8 रणनीतिक स्थानों पर एक साथ इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी।

चतुष्कोणीय सुरक्षा रणनीति: स्थानीय प्रशासन का मिलेगा साथ

गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि सीमाओं की सुरक्षा को हम केवल सुरक्षा बलों के भरोसे ‘आइसोलेशन’ (एकांत) में रखकर सफल नहीं बना सकते। इसके लिए एक चतुष्कोणीय सुरक्षा रणनीति (Four-Pronged Security Strategy) तैयार की गई है, जिसमें देश के जवानों के कठिन परिश्रम और आधुनिक तकनीक के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन को भी सीधे तौर पर जोड़ा जाएगा।

इस कॉन्सेप्ट में सीमावर्ती क्षेत्रों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM), पुलिस अधीक्षक (SP), गांव के पटवारी और स्थानीय सरपंच की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका तय की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान सामने आने वाली शुरुआती व्यावहारिक समस्याओं को दूर कर इस पूरे सुरक्षा मॉडल को देश की सभी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

त्रिपुरा फ्रंटियर पर विशेष फोकस; बदली जाएगी 15 साल पुरानी कटीली बाड़

तीन ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरे बेहद संवेदनशील राज्य त्रिपुरा का विशेष जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि ‘त्रिपुरा फ्रंटियर’ देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीमा पर घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बाड़ के आधुनिकीकरण (Modernization of Border Fencing) को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत त्रिपुरा बॉर्डर पर लगी 15 वर्ष से अधिक पुरानी लगभग 650 किलोमीटर लंबी बाड़ में से 119 किलोमीटर हिस्से को पूरी तरह नई और अत्याधुनिक बाड़ में बदलने की मंजूरी दे दी गई है।

अमित शाह ने दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 37वीं वाहिनी में जवानों के नए आवासों का ई-लोकार्पण किया और बीएसएफ की 97वीं वाहिनी में नए क्वार्टर गार्ड परिसर का ई-शिलान्यास भी संपन्न किया।

2047 तक विकसित भारत के लिए सीमाओं को नशा और स्मगलिंग मुक्त बनाना लक्ष्य

गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को रेखांकित करते हुए कहा कि साल 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र (Developed India) बनाने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन देश को विकसित बनाने के लिए सबसे पहले उसे पूरी तरह सुरक्षित बनाना होगा। केंद्र सरकार ने सीमाओं के रास्ते होने वाली हथियारों व मवेशियों की स्मगलिंग, मानव तस्करी (Human Trafficking) और देश के युवाओं को खोखला करने वाली अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी (नशे के कारोबार) को जड़ से खत्म करने के लिए ही इस ‘स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड’ को बनाने का काम अपने हाथ में लिया है।

CAPF जवानों का पर्यावरण संकल्प: अगले साल लगाएंगे 2 करोड़ पौधे

सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के योगदान की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए:

  • 2019 से अब तक: सीएपीएफ के जवानों ने देश भर में 7.5 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है।
  • इस वर्ष का लक्ष्य: वर्तमान वर्ष में 40 लाख से 60 लाख नए वृक्ष लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पूर्व में लगाए गए जो पौधे जीवित नहीं रह सके, उनके स्थान पर दोबारा नए पौधे रोपे जाएंगे।
  • आगामी वर्ष का संकल्प: अगले वर्ष सीएपीएफ के जवान देश भर में 2 करोड़ वृक्ष लगाने के महाअभ अभियान की शुरुआत करेंगे।

जवानों के कल्याण के लिए उठाए गए बड़े कदम

गृह मंत्री ने देश को आश्वस्त किया कि दुर्गम सीमाओं पर मुस्तैद जवानों की सुविधाओं और उनके परिवारों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जवानों के लिए सीमा चौकियों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति, ग्रीन एनर्जी इनिशिएटिव (सौर ऊर्जा), शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और आयुष्मान सीएपीएफ के जरिए स्वास्थ्य सुविधाओं को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है। शाह ने कहा कि ‘बीएसएफ’ का नाम आते ही देशवासियों के मन में जो सम्मान का भाव आता है, वह जवानों के अद्वितीय तप, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की सबसे बड़ी स्वीकृति है।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here