जेड-प्लस से घटाकर एक्स श्रेणी करने का आधार पूछा; चार कथित हमलों का हवाला देकर सांसद ने लगाई थी गुहार
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा श्रेणी में कटौती किए जाने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सांसद का सुरक्षा घेरा ‘जेड-प्लस’ श्रेणी से घटाकर सीधे ‘एक्स’ श्रेणी किए जाने पर पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। उच्च न्यायालय ने राज्य प्रशासन से पूछा है कि सुरक्षा कवर में इतनी भारी कटौती करने से पहले क्या कोई वास्तविक और निष्पक्ष सुरक्षा आकलन किया गया था।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कृष्ण राव की एकल पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह सुरक्षा में बदलाव के आधार और प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए अदालत में एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 अक्तूबर तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सुरक्षा कम किए जाने के बाद सांसद की जान पर खतरे की दोबारा कोई समीक्षा या ऑडिट किया गया था या नहीं।
उल्लेखनीय है कि सुरक्षा कवर घटाए जाने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत में सुनवाई के दौरान सांसद के वकील ने दलील दी कि सुरक्षा श्रेणी घटाए जाने के बाद से सांसद पर चार अलग-अलग मौकों पर कथित हमले हो चुके हैं।
अभिषेक बनर्जी के कानूनी दल ने अदालत को अवगत कराया कि सुरक्षा में कटौती के बाद उत्पन्न हुए गंभीर खतरे को देखते हुए राज्य प्रशासन को सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। फिलहाल अदालत ने राज्य सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए समय दिया है, जिस पर 13 अक्तूबर को आगे की कानूनी प्रक्रिया और दलीलों पर सुनवाई की जाएगी।

