पारिवारिक कारणों का दिया हवाला; मतदाता सूची संशोधन विवाद से जुड़े होने से किया स्पष्ट इनकार
भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरएस गोपालन ने गुरुवार को अप्रत्याशित कदम उठाते हुए अपनी सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली है। मूल रूप से उन्हें जून 2028 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उन्होंने अपनी तय समयावधि से करीब 21 महीने पहले ही सेवा छोड़ने का फैसला किया। वर्ष 2001 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी गोपालन जुलाई 2024 से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके अलावा उनके पास आबकारी विभाग के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार भी था।
अचानक लिए गए इस प्रशासनिक निर्णय को लेकर राज्य के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, गोपालन ने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके वीआरएस लेने का फैसला पूरी तरह निजी है। उन्होंने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें इस फैसले को राज्य में चल रहे मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (एसआईआर) से जुड़े कथित विवाद से जोड़ा जा रहा था। उन्होंने दो टूक कहा कि इस प्रशासनिक प्रक्रिया या किसी अन्य विवाद से उनके इस्तीफे का कोई लेना-देना नहीं है।
आरएस गोपालन ने अपनी भावी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए साझा किया कि उन्होंने यह निर्णय केवल अपने परिवार को समय देने के लिए लिया है। उन्होंने बताया कि जब तक उनके बेटे की स्कूली शिक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे राजधानी भुवनेश्वर में ही परिवार के साथ निवास करेंगे। शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी के इस अचानक वीआरएस लेने के बाद अब राज्य में नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति को लेकर चुनाव आयोग और राज्य सरकार के स्तर पर कवायद शुरू हो गई है।

