ग्रेटर नोएडा: समाज में बढ़ती दिखावे की संस्कृति और लालच ने एक और हंसती-खेलती बेटी की जिंदगी छीन ली। ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में दहेज प्रताड़ना के चलते एक और विवाहिता (दीपिका) की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका बीएड (B.Ed) पास थी, जबकि उसका आरोपी पति ऋतिक बीए एलएलबी (BA LLB) का छात्र है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। आरोपी के पिता गांव के पूर्व प्रधान हैं और क्षेत्र में उनके तीन स्कूल हैं। समृद्ध और शिक्षित परिवार होने के बावजूद दहेज के लोभ ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
केस स्टडी: जलपुरा दहेज हत्या मामला
1. क्या है पूरा मामला?
दीपिका की शादी 11 दिसंबर, 2024 को जलपुरा के पूर्व प्रधान के बेटे ऋतिक के साथ बेहद धूमधाम से हुई थी। परिजनों ने अपनी हैसियत के मुताबिक अच्छा-खासा दहेज भी दिया था। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही पति ऋतिक, ससुर मनोज, सास पूनम, ननद नेहा व तन्नी और चाचा सास प्रमोद व विनोद एक फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये नगद की मांग करने लगे।
मांग पूरी न होने पर दीपिका को शारीरिक और मानसिक रूप से बेरहमी से प्रताड़ित किया जाता था। दीपिका के परिजनों ने कई बार समझौते का प्रयास किया, लेकिन ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला।
2. हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश
परिजनों के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे दीपिका के ससुर ने फोन कर सूचना दी कि वह छत से गिर गई है। जब परिजन नॉलेज पार्क स्थित शारदा अस्पताल पहुंचे, तो वहां दीपिका का शव मिला।
- चोटों के निशान: मृतका के हाथ, पैर, पेट और गले पर गंभीर चोटों के निशान थे और शरीर पर जगह-जगह खून के धब्बे थे।
- परिजनों का आरोप: परिजनों का आरोप है कि दीपिका की तेज धारदार हथियार से हत्या की गई है और अब इसे ‘छत से कूदकर आत्महत्या’ का रूप देने की कोशिश की जा रही है। वारदात के बाद ससुराल वाले दीपिका को नाजुक हालत में अस्पताल छोड़कर फरार हो गए थे।
3. पुलिस की कार्रवाई
“जलपुरा गांव से एक महिला की छत से कूदने से मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया गया है।” — शैलेंद्र कुमार सिंह, डीसीपी (सेंट्रल नोएडा)
जानें क्या कहता है कानून: दहेज हत्या और प्रताड़ना के कड़े नियम
इस तरह के मामलों में भारतीय कानून (BNS) के तहत बेहद कड़े प्रावधान किए गए हैं:
- दहेज हत्या (भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा / पूर्व IPC 304B): यदि किसी महिला की शादी के 7 साल के भीतर असामान्य परिस्थितियों में मौत होती है और यह साबित होता है कि मौत से पहले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था, तो इसे दहेज हत्या माना जाता है। इसमें न्यूनतम 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
- क्रूरता और प्रताड़ना (पूर्व IPC 498A): पत्नी को किसी भी कीमती वस्तु या संपत्ति (जैसे कार, फ्लैट, कैश) की मांग के लिए शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करने पर पति और उसके रिश्तेदारों को कड़े कारावास और जुर्माने की सजा दी जाती है।
चिंताजनक आंकड़े: जिले में 3 साल में 20 मौतें
ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में दहेज हत्या के बढ़ते ग्राफ ने प्रशासन और समाज को झकझोर कर रख दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति बेहद भयावह है:
| वर्ष | दर्ज मामले |
| 2024 | 5 मामले |
| 2025 | 15 मामले |
| 2026 (अब तक) | 2 मामले |
| कुल (3 वर्ष) | 20 विवाहिताओं की मौत |
दिखावे की संस्कृति और समाज की कड़वी सच्चाई
इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दहेज की कुप्रथा का शिक्षा या आर्थिक स्थिति से कोई लेना-देना नहीं है। आज बीएड, इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल डिग्री धारक महिलाएं भी इस आग में जल रही हैं। शादियों में करोड़ों रुपये खर्च करने और सामाजिक प्रतिस्पर्धा (लग्जरी कारों जैसे स्कॉर्पियो, फॉर्च्यूनर की मांग) के कारण बेटियां लगातार इस लालच की बलि चढ़ रही हैं।

