विदेशी सिम कार्ड बरामद, पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर काम कर रहा था मोहम्मद हमीम मंडल; एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
बर्धमान/कोलकाता:
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य में एक बड़े और खतरनाक आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी मोहम्मद हमीम मंडल और उसकी महिला सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ ने मुख्य आरोपी मोहम्मद हमीम मंडल को शुक्रवार को पुरबा बर्धमान (पूर्व बर्धमान) जिले से पकड़ा, जबकि उसकी कथित सहयोगी अर्पिता सरकार को शुक्रवार देर रात हिरासत में लिया गया।
अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड और विदेशी हैंडलर्स से संपर्क
एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा के अनुसार, आरोपियों के पास से ब्रिटेन और मैक्सिको के अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड बरामद हुए हैं। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं से एनक्रिप्टेड ऐप्स के जरिए बातचीत करने के लिए किया जाता था।
- सोशल मीडिया से शुरुआत: जांच में सामने आया कि आरोपी हमीम सबसे पहले इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में आया था।
- सुरक्षित ऐप्स का इस्तेमाल: इसके बाद वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स (Element X) और सेशन (Session) जैसे डार्क नेट व एनक्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स पर स्विच कर गया।
- पाकिस्तानी आकाओं के कोडनेम: जिन पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में हमीम था, उनके कोडनेम ‘राना’, ‘उजैर’, ‘आबिद जट्ट 333’ और ‘हमाद’ के रूप में सामने आए हैं।
साजिश के प्रमुख और खतरनाक लक्ष्य
एसटीएफ की पूछताछ और शुरुआती जांच में इस मॉड्यूल के कई चौंकाने वाले मंसूबों का खुलासा हुआ है:
- राजनेताओं की रेकी: आरोपी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा था और उन जगहों की रेकी कर रहा था जहाँ सुरक्षा घेरा कम रहता था।
- दिल्ली में हिंसा की योजना: आरोपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र प्रदर्शनों के दौरान फर्जी पुलिस की वर्दी पहनकर तोड़फोड़ और उपद्रव फैलाने का प्लान बनाया था।
- राज्य मंत्री के बेटे का अपहरण (हनी-ट्रैप): एसटीएफ के मुताबिक, हमीम और अर्पिता ने पाकिस्तान स्थित ‘शाहिद भट्टी गैंग’ के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के एक राज्य मंत्री के बेटे को ‘हनी-ट्रैप’ में फंसाकर अगवा करने और फिरौती वसूलने की साजिश रची थी।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और एसटीएफ की टीमें इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय संपर्कों (Local Contacts) की पहचान करने के लिए राज्यभर में छापेमारी कर रही हैं।

