नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली कमेटी में पूर्व इसरो प्रमुख समेत कई दिग्गज शामिल, सीबीटी और सुरक्षा पर जोर
नई दिल्ली: देश में सार्वजनिक परीक्षाओं की प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (HPTF) ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिक समाज के संगठनों सहित सभी हितधारकों से 13 सितंबर तक सुझाव आमंत्रित किए हैं।
इस उच्च स्तरीय समिति का नेतृत्व तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी कर रहे हैं। समिति में पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा जैसे प्रमुख विशेषज्ञ शामिल हैं।
इन प्रमुख विषयों पर मांगे गए हैं सुझाव टास्क फोर्स ने सार्वजनिक परीक्षाओं के सुरक्षित संचालन, मूल्यांकन पद्धति, प्रशासनिक जवाबदेही और प्रश्नपत्र लीक या अनियमितताओं की रोकथाम, पहचान व त्वरित समाधान से जुड़े विषयों पर सुझाव मांगे हैं। इसके अतिरिक्त, कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) को अधिक सुरक्षित बनाने, परीक्षा केंद्रों के बुनियादी ढांचे के विस्तार, आधुनिक तकनीकी समाधानों को अपनाने और सभी भाषाई व सामाजिक वर्गों के लिए परीक्षा को अधिक सुलभ एवं समावेशी बनाने के उपायों पर राय मांगी गई है।
पारदर्शी और भविष्योन्मुखी परीक्षा प्रणाली का लक्ष्य समिति का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है जो पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत हो। छात्रों के हितों और मानसिक कल्याण की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए टास्क फोर्स प्राप्त सभी सुझावों का विश्लेषण करेगी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक व्यापक सुधार नीति की सिफारिश सरकार को सौंपेगी।

