कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नगर निकाय भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी सिलसिले में राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री रथिन घोष शुक्रवार को साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए, जहां केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे करीब साढ़े नौ घंटे तक कड़ी पूछताछ की।
पूछताछ के बाद रथिन घोष का बयान
मैराथन पूछताछ के बाद ईडी दफ्तर से बाहर निकले पूर्व मंत्री ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने कहा:
“जांच अधिकारियों ने मुझसे जो भी सवाल पूछे, मैंने उन सभी के जवाब दे दिए हैं। हालांकि, अंदर क्या बातचीत हुई या क्या सवाल पूछे गए, इस पर मैं फिलहाल कुछ नहीं कहूंगा।”
सुजीत बसु की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी कड़ाई
यह पूछताछ इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले ईडी ने इसी घोटाले में पूर्व दमकल मंत्री सुजीत बसु को गिरफ्तार किया था।
- वित्तीय अनियमितताएं: सूत्रों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में अयोग्य उम्मीदवारों से पैसे लेकर नौकरी देने के मामले में सुजीत बसु और रथिन घोष के नाम प्रमुखता से उभरे हैं।
- कड़ियां जोड़ने में जुटी एजेंसी: सुजीत बसु की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, जो इस घोटाले के वित्तीय लेन-देन को इन दोनों नेताओं से सीधे तौर पर जोड़ती हैं।
5 समन टालने के बाद आखिरकार हुए पेश
रथिन घोष को इससे पहले भी ईडी पांच बार समन जारी कर चुकी थी। हालांकि, वे कभी विधानसभा चुनाव की व्यस्तता तो कभी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं (जैसे बाथरूम में गिरकर सिर में चोट लगना) का हवाला देकर पेशी से बचते रहे। आखिरकार, शुक्रवार को भारी सुरक्षा और मीडिया के जमावड़े के बीच वे जांच अधिकारियों के सामने हाजिर हुए।
अयन शील के दस्तावेजों से हुआ खुलासा
ईडी सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घोटाले के मुख्य आरोपी अयन शील की गिरफ्तारी और उसके ठिकानों से जब्त किए गए संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर ही रथिन घोष का नाम जांच के रडार पर आया है।
- कार्यकाल की जांच: जांच एजेंसी विशेष रूप से मध्यग्राम नगरपालिका के चेयरमैन और दक्षिण दमदम नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष के रूप में रथिन घोष के कार्यकाल के दौरान हुई नियुक्तियों की फाइलों को खंगाल रही है।
- सीबीआई की कार्रवाई: बता दें कि इस मामले में इससे पहले सीबीआई (CBI) भी रथिन घोष से पूछताछ कर चुकी है और उनके आवास की तलाशी ली जा चुकी है।

