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Thursday, April 30, 2026

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सुप्रीम कोर्ट में ‘सनातनी संसद’ की याचिका: पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की निगरानी के लिए उच्च-स्तरीय समिति की मांग

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हो रही कथित हिंसा और अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अंतरिम याचिका दायर की गई है। यह याचिका ‘सनातनी संसद’ नामक संस्था द्वारा दाखिल की गई है, जिसमें चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई है।

याचिका की मुख्य मांगें:

  • निगरानी समिति: सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया जाए, जो चुनाव के दौरान और बाद में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखे।
  • केंद्रीय बलों की तैनाती: संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
  • एसआईटी (SIT) का गठन: हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाया जाए।
  • त्वरित न्याय: हर जिले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना हो ताकि चुनावी हिंसा से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा हो सके।
  • अधिकारियों का स्थानांतरण: निगरानी समिति की पूर्व मंजूरी के बिना पुलिस अधिकारियों का तबादला न किया जाए।
  • गवाहों और अधिकारियों की सुरक्षा: चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और गवाहों के लिए सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएं।

याचिका के आधार और तर्क:

  • आश्वासनों का उल्लंघन: याचिकाकर्ता का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा कोर्ट में दिए गए आश्वासन धरातल पर सच साबित नहीं हो रहे हैं। राज्य में हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं जारी हैं।
  • मतदाता सूची में गड़बड़ी: आरोप है कि सत्ताधारी दल के समर्थकों के नाम, पात्रता की जांच किए बिना, गलत तरीके से मतदाता सूची में जोड़े जा रहे हैं।
  • 2021 की हिंसा का संदर्भ: याचिका में 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई भीषण हिंसा (हत्या, बलात्कार, आगजनी) का जिक्र किया गया है। याचिका के अनुसार, मानवाधिकार आयोग और कलकत्ता हाई कोर्ट की पिछली रिपोर्टों से स्पष्ट है कि उस समय पुलिस ने कई मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं की थी और पीड़ितों को पूरा मुआवजा भी नहीं मिला था।
  • डर का माहौल: अर्जी में कहा गया है कि पुराने मामलों के आरोपी अभी भी बाहर घूम रहे हैं, जिससे मतदाताओं में भय का माहौल है। याचिका में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया भाषणों पर भी आपत्ति जताई गई है, जिसे ‘लोगों को डराने वाला’ बताया गया है।

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