देश के इतिहास में किसी मुख्य चुनाव आयुक्त का ऐसा विरोध नहीं हुआ; पवन खेड़ा ने जताई गंभीर चिंता
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की टिप्पणियों पर जोरदार पलटवार करते हुए निर्वाचन आयोग और उसकी प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने देश भर में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या स्वतंत्र भारत के इतिहास में कभी किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को जनता और राजनीतिक दलों के इस स्तर के तीव्र व अभूतपूर्व विरोध का सामना करना पड़ा है।
पवन खेड़ा ने देश में गहराते मौजूदा राजनीतिक टकराव की गंभीरता को रेखांकित करते हुए समूची चुनाव प्रबंधन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतर रहे लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का यह आक्रोश कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदान प्रबंधन प्रणाली के प्रति आम नागरिकों में उपजे गहरे अविश्वास और असंतोष को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार और सत्ताधारी दल पर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद पारदर्शी, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर टिकी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब जनता के मन में चुनावी प्रक्रिया की शुचिता को लेकर संदेह पैदा होने लगे, तो सरकार को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करते हुए उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।

