पणजी/नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा में लगातार बढ़ रही बिजली की कीमतों को लेकर वहां की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि वर्तमान में गोवा के भीतर पूरे देश की सबसे ऊंची और महंगी बिजली दरों (Highest Power Tariffs) में से एक लागू है, जिसके कारण राज्य की आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवार वहां के प्रशासन से बेहद त्रस्त और नाराज हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तो खुद भाजपा सरकार के ही एक वरिष्ठ मंत्री ने सार्वजनिक रूप से इस कड़वी सच्चाई को स्वीकार कर लिया है।
दिल्ली और पंजाब मॉडल की तर्ज पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली की मांग
अरविंद केजरीवाल ने गोवा सरकार के सामने जोरदार मांग रखते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के शासन वाले राज्यों— दिल्ली और पंजाब की सफल तर्ज पर गोवा में भी बिना किसी देरी के प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट तक घरेलू बिजली पूरी तरह मुफ्त (Free Electricity) दी जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में बेलगाम बढ़ती महंगाई के इस दौर में आम नागरिकों को घरेलू बजट में राहत देने के लिए सरकार को तुरंत यह जनकल्याणकारी कदम उठाना चाहिए, क्योंकि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा पर पहला हक जनता का है।
स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं के लिए ₹1000 मासिक सम्मान राशि का बड़ा एलान
बिजली दरों के अलावा, अरविंद केजरीवाल ने गोवा की जनता के लिए लोक-लुभावन वादों (गारंटियों) का एक पूरा खाका पेश किया है:
- मुफ्त स्वास्थ्य सेवा: गोवा के प्रत्येक नागरिक और परिवार की सुरक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा (Free Health Insurance) देने की मांग उठाई।
- महिला सशक्तिकरण: राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महिला के खाते में प्रतिमाह 1,000 रुपये की सम्मान राशि सीधे ट्रांसफर करने का वादा किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘आप’ प्रमुख का यह आक्रामक रुख गोवा के आगामी स्थानीय और संगठनात्मक चुनावों को देखते हुए अपनी पार्टी के ‘दिल्ली-पंजाब गवर्नेंस मॉडल’ को तटीय राज्य में मजबूती से स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है।

