मुंबई/सूरत: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उससे सटे तटीय इलाके पिछले कई दिनों से मूसलाधार मानसूनी बारिश (Heavy Monsoon Rains) की गंभीर मार झेल रहे हैं। शहर के निचले इलाकों में जलजमाव के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह ठप है।
बिगड़ते हालात को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एहतियातन आज (7 जुलाई 2026) मुंबई के सभी स्कूल और कॉलेजों में विधिक अवकाश घोषित करते हुए उन्हें बंद रखने का आदेश दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज भी मुंबई में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है और साथ ही तटीय क्षेत्रों में अत्यधिक तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
1. दक्षिण गुजरात में मानसून का रौद्र रूप: कामरेज में 154 mm बारिश
महाराष्ट्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्य गुजरात में भी आफत की बारिश हो रही है। सोमवार (6 जुलाई) को दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की गई, जिसके आधिकारिक विधिक व प्रशासनिक आंकड़े इस प्रकार हैं:
- सूरत में सबसे ज्यादा बारिश: सूरत जिले के कामरेज तालुका में सुबह 6 बजे से रात 8 बजे के बीच राज्य में सबसे अधिक 154 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
- प्रमुख शहरों/तालुका के आंकड़े (सोमवार):
- सूरत शहर: 122 मिलीमीटर
- पारडी (वलसाड): 115 मिलीमीटर
- वापी: 111 मिलीमीटर
- नानापोंधा: 110 मिलीमीटर
- राधनपुर (पाटन): 107 मिलीमीटर
- खानपुर (महीसागर): 98 मिलीमीटर
2. मौसम विभाग (IMD) का आगामी 48 घंटों का विधिक बुलेटिन
आगामी दो दिनों (7 और 8 जुलाई) के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश और चक्रवाती हवाओं के अलर्ट का भौगोलिक विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है:
| तिथि / दिन | अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी (जिलों की सूची) | हवा की गति व अन्य तकनीकी चेतावनी |
|---|---|---|
| 7 जुलाई (आज) | सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दादरा और नगर हवेली, दमन, भावनगर, नर्मदा, भरूच, अमरेली, पंचमहाल, दाहोद, वडोदरा, छोटा उदयपुर और गिर सोमनाथ। | 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज सतही हवाएं, मध्यम गरज-चमक और आकाशीय बिजली की विधिक आशंका। |
| 8 जुलाई (बुधवार) | डांग, नवसारी, वलसाड, दादरा और नगर हवेली, दमन, सूरत, तापी, अमरेली और भावनगर। | तटीय क्षेत्रों में उफनता समंदर, जलजमाव की स्थिति और निचले इलाकों में बाढ़ का रेड/ऑरेंज अलर्ट। |
3. प्रशासन की नागरिकों से विधिक अपील
मुंबई और दक्षिण गुजरात के स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) ने नागरिकों, विशेषकर मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विधिक व सुरक्षात्मक गाइडलाइंस जारी की हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। मुंबई नगर निगम (BMC) और गुजरात राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र स्थिति पर चौबीसों घंटे विधिक और तकनीकी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन संकट से तुरंत निपटा जा सके।

