महिलाओं और नीट प्रदर्शनकारियों पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी; साइबर पुलिस ने कोच्चि से लिया हिरासत में
तिरुवनंतपुरम:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिलाओं पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और हिंसक टिप्पणियां करने के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े राजनीतिक टिप्पणीकार टीजी मोहनदास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। तिरुवनंतपुरम सिटी साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने रविवार को उन्हें कोच्चि के मट्टनचेरी स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया।
यह कार्रवाई उनके यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए विवादित वीडियो और छात्र संगठनों की शिकायतों के बाद की गई है।
यूट्यूब वीडियो में की थी गोलीबारी और आपत्तिजनक टिप्पणी
विवाद की शुरुआत 26 जुलाई को मोहनदास के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो से हुई, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर कई आपत्तिजनक बातें कही थीं:
- हिंसा और गोलीबारी का बयान: मोहनदास ने कहा था कि यदि वह जंतर-मंतर के प्रभारी होते तो 4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कर्फ्यू लगाकर प्रदर्शनकारियों को हटने की चेतावनी देते और फिर गोली चलाने का आदेश देते, जिससे स्थिति चार घंटे में नियंत्रण में आ जाती।
- महिलाओं पर अमर्यादित टिप्पणी: एक अन्य वीडियो में उन्होंने वामपंथी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़ी महिलाओं पर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां कीं।
- शिकायत और एफआईआर: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) सहित कई छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने उनके बयानों को हिंसा भड़काने वाला बताकर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
नीट प्रदर्शन का पृष्ठभूमि और मोहनदास की सफाई
| पहलू | विवरण |
| प्रदर्शन का कारण | जंतर-मंतर पर छात्र नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे तथा तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। |
| मोहनदास का स्पष्टीकरण | विवाद बढ़ने पर मोहनदास ने कहा कि उनके बयान काल्पनिक और व्यंग्यात्मक थे, तथा मलयालम से अनुवाद के दौरान उनके बयान का संदर्भ बदल गया। |
| RSS का रुख | आरएसएस ने मोहनदास के बयानों से पूरी तरह किनारा कर लिया है। संगठन ने स्पष्ट किया कि मोहनदास के पास कोई आधिकारिक पद नहीं है और ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं। |

