परीक्षा के दौरान मोबाइल इस्तेमाल का था मामला, धारा 108 और एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज
मुंबई: पवई स्थित प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी बॉम्बे) परिसर से एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आया है। यहां बीटेक द्वितीय वर्ष के 22 वर्षीय छात्र साहिल रविंद्र वाकोड़े ने हॉस्टल नंबर चार स्थित अपने कमरे में कथित तौर पर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। मूल रूप से महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले साहिल का शव शुक्रवार शाम उनके कमरे में पंखे से लटकता मिला। इस घटना के बाद संस्थान परिसर में हड़कंप मच गया है और परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों ने लगाया प्रताड़ना और भेदभाव का आरोप, केस दर्ज मृतक छात्र के परिजनों का आरोप है कि साहिल को संस्थान के भीतर गंभीर मानसिक प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। परिवार की ओर से मिली औपचारिक शिकायत के आधार पर पवई पुलिस थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धारा 108 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।
परीक्षा में अनुचित साधन के इस्तेमाल की बात आई सामने साहिल आईआईटी बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाई कर रहे थे। संस्थान प्रशासन के अनुसार, घटना वाले दिन आयोजित एक परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। प्रारंभिक सूचना के मुताबिक, छात्र ने परीक्षा के प्रश्नपत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल चैटजीपीटी पर अपलोड कर उत्तर तलाशने का प्रयास किया था। हालांकि, संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के बाद छात्र पर तत्काल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी, बल्कि शिक्षकों और विभागाध्यक्ष ने काउंसलिंग के जरिए उसे समझाया था कि इसका उसके करियर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कर रही है।

