नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में मंगलवार (2 जून 2026) को लगी भीषण आग ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 11 विदेशी नागरिकों समेत कुल 21 लोगों की असमय मौत हो गई। भारत में अग्निकांडों का यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते कुछ महीनों (2025 से मध्य 2026) में इंदौर के चार्जिंग स्टेशन ब्लास्ट, दिल्ली के विवेक विहार और हौज खास में एसी ब्लास्ट से लेकर मुजफ्फरपुर के अस्पताल तक, कई ऐसी आग दुर्घटनाएं हुई हैं जिन्होंने हंसते-खेलते परिवारों को पल भर में तबाह कर दिया। प्रशासन की तमाम मुस्तैदी और कड़े नियमों के दावों के बावजूद जमीन पर कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है।
आइये सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि बीते कुछ महीनों में देश के किन हिस्सों में बड़े अग्निकांड हुए, उनके पीछे क्या तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाहियां रहीं और उन पर क्या कानूनी कार्रवाई की गई:
1. मालवीय नगर होटल अग्निकांड (दिल्ली)
- घटना और कारण: ‘फ्लोरिश स्टे’ होटल के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित एक रेस्तरां में अचानक आग भड़की, जिसने देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। जांच में पाया गया कि आरोपी ने मात्र छह कमरों की अनुमति लेकर अवैध रूप से 25 कमरे बना रखे थे, जहाँ क्षमता से तीन गुना अधिक लोग रुके हुए थे। होटल के पास फायर विभाग की एनओसी (NOC) भी नहीं थी।
- क्या हुई कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और धारा 326 के तहत जेल भेज दिया। प्रशासनिक स्तर पर दिल्ली के पर्यटन मंत्री ने सरकार की ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) नीति को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह वापस लेने का एलान कर दिया। साथ ही, दिल्ली के साउथ जोन में अवैध व्यावसायिक भवनों को सील करने का महाअभियान शुरू किया गया।
2. दीसा पटाखा गोदाम विस्फोट (बनासकांठा, गुजरात)
- घटना और कारण: गुजरात के बनासकांठा जिले के दीसा कस्बे के पास ‘दीपक फटाकड़ा’ नामक एक अवैध गोदाम में एल्युमिनियम पाउडर के संपर्क में आने से भीषण रासायनिक विस्फोट हुआ। इस अवैध गोदाम/फैक्ट्री का सरकारी लाइसेंस पिछले साल ही खत्म हो चुका था, फिर भी इसे चोरी-छिपे चलाया जा रहा था।
- क्या हुई कार्रवाई: गुजरात हाई कोर्ट के बेहद कड़े और सख्त रुख के बाद राज्य सरकार ने नगर निगम के कई आला अफसरों और दोषी अग्निशमन (फायर) अधिकारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया। इसके साथ ही पूरे गुजरात में अवैध गोदामों को सील करने और उन्हें बंद कराने का सबसे बड़ा अभियान चलाया गया।
3. चारमीनार मिश्रित आवासीय इमारत अग्निकांड (हैदराबाद, तेलंगाना)
- घटना और कारण: ऐतिहासिक चारमीनार के पास स्थित एक मिश्रित (कमर्शियल और रेसिडेंशियल) इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के मीटर बॉक्स में भारी शॉर्ट सर्किट हुआ। बिल्डिंग के अंदरूनी हिस्सों में की गई लकड़ी की नक्काशी और वेंटिलेशन (हवा की निकासी) का कोई रास्ता न होने के कारण सीढ़ियां ‘गैस चैंबर’ बन गईं। ऊपर सो रहे एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के 17 लोग (जिनमें 8 बच्चे और 6 महिलाएं शामिल थीं) धुएं से दम घुटने के कारण मारे गए।
- क्या हुई कार्रवाई: तेलंगाना सरकार ने तुरंत 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया। पुलिस ने सुरक्षा मानकों की आपराधिक अनदेखी करने, अवैध रूप से कमर्शियल बिजली लोड बढ़ाने और बिल्डिंग में एयर वेंटिलेशन न रखने के आरोप में मकान मालिक व व्यावसायिक इकाई (मोतियों के व्यापारी) के खिलाफ गैर-इरादतन लापरवाही का आपराधिक मुकदमा दर्ज किया।
4. बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब अग्निकांड (अर्पोरा, गोवा)
- घटना और कारण: गोवा के अर्पोरा में स्थित इस मशहूर नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 की रात को भीषण आग लगी। फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि क्लब के भीतर बिना अनुमति के घटिया बिजली की वायरिंग की गई थी, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ। अंदर डेकोरेशन के लिए लगी अत्यधिक ज्वलनशील ‘ध्वनिक फोम’ (Acoustic Foam) और सजावटी लकड़ियों ने आग को तेजी से भड़काया और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) न होने के कारण अंदर काम कर रहे कई प्रवासी मजदूर जिंदा फंस गए।
- क्या हुई कार्रवाई: गोवा पुलिस ने नाइटक्लब के मैनेजर को सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी के आरोप में गिरफ्तार किया। क्लब के मुख्य संचालकों (सौरभ लूथरा और अजय गुप्ता) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के निर्देश पर उत्तरी गोवा प्रशासन ने तटीय बेल्ट (कलंगूट, बागा, अर्पोरा और अनजुना) में चल रहे सभी बड़े पब, क्लब और लाउंज की फायर सेफ्टी जांच शुरू कर डिफॉल्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
5. ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी इलेक्ट्रिक व्हीकल ब्लास्ट (तिलक नगर, इंदौर)
- घटना और कारण: एक तीन मंजिला आवासीय घर के बाहर अवैध रूप से लगाए गए इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पॉइंट में अचानक हाई-वोल्टेज धमाका हुआ। आग ने तुरंत घर के मुख्य प्रवेश और निकास द्वार (एंट्री-एग्जिट गेट) को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, जिससे अंदर सो रहे मकान मालिक, उनकी बहू और दो नाबालिग बच्चों की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई।
- क्या हुई कार्रवाई: इंदौर पुलिस ने घर के मालिक पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण (जैसे उचित एमसीबी या स्टेबलाइजर) के खुले में हाई-लोड चार्जिंग पॉइंट लगाने के कारण लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया। मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी ने जांच में स्वीकृत लोड से कहीं अधिक बिजली चोरी पकड़ी, जिसके बाद इंदौर के पॉश इलाकों में घरों में चल रहे हाई-लोड ईवी चार्जिंग पॉइंट्स का औचक निरीक्षण शुरू किया गया।
6. विवेक विहार और हौज खास एसी ब्लास्ट (दिल्ली)
- घटना और कारण: पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में एक आवासीय इमारत में एसी ब्लास्ट के कारण आग लगी, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई। वहीं, 27 मई की रात को दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके हौज खास में एक तीन मंजिला इमारत में लगे पुराने एयर कंडीशनर (AC) के इंडोर यूनिट में अचानक भयानक ब्लास्ट और शॉर्ट-सर्किट हुआ। इस हादसे में 1968 बैच के हरियाणा कैडर के पूर्व वरिष्ठ और प्रतिष्ठित आईएएस (IAS) अधिकारी धनेंद्र कुमार (80) की बाथरूम में फंसने और घने जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से मौत हो गई।
- क्या हुई कार्रवाई: इन दोनों एसी ब्लास्ट की घटनाओं के बाद, दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) और एमसीडी (MCD) ने संयुक्त रूप से दिल्ली की सभी पुरानी आवासीय सोसायटियों के लिए ‘इलेक्ट्रिकल लोड ऑडिट’ कराना अनिवार्य करने की नई गाइडलाइन जारी की। पुलिस ने अवैध रूप से बिजली का कमर्शियल लोड उपयोग करने वाले मकान मालिकों पर सख्त मामले दर्ज किए।
7. टोंक कलां पटाखा फैक्ट्री विस्फोट (देवास, मध्य प्रदेश)
- घटना और कारण: आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित देवास के टोंक कलां में एक लाइसेंस प्राप्त पटाखा निर्माण इकाई में करीब 30 मजदूर कमरे के अंदर बारूद (गनपाउडर) मिक्स कर रहे थे। अत्यधिक गर्मी और रसायनों के आपसी घर्षण से वहां महाविस्फोट हुआ, जिसमें 3 मजदूरों की मौके पर ही चीथड़े उड़ने से मौत हो गई और बाद में कई अन्य ने दम तोड़ दिया। हादसे में 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
- क्या हुई कार्रवाई: मध्य प्रदेश सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए फैक्ट्री के मालिक और डायरेक्टर अनिल मालवीय को गिरफ्तार कर उस पर बेहद कड़ा कानून राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट (NSA – रासुका) लगाया और उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया। मामले की जांच संयुक्त रूप से पीईएसओ (PESO), एफएसएल और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपी गई।
8. प्रसाद हॉस्पिटल आईसीयू वॉर्ड अग्निकांड (मुजफ्फरपुर, बिहार)
- घटना और कारण: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू (ICU) वॉर्ड में आग लग गई। प्राथमिक जांच के मुताबिक, आईसीयू में लगे एयर कंडीशनर (AC) और अन्य वेंटिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरणों की हैवी वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग भड़की। वॉर्ड में तेजी से फैले काले धुएं के कारण बेड पर लेटे 5 गंभीर मरीज खुद उठकर भागने में असमर्थ रहे और उनकी तड़पकर मौत हो गई। अस्पताल में न तो कोई रैंप था, न आपातकालीन निकास (Fire Escape) और न ही फायर अलार्म सिस्टम ने काम किया।
- क्या हुई कार्रवाई: बिहार सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गंभीर आपराधिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए ब्रह्मपुरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। जांच पूरी होने तक अस्पताल के संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया और पीड़ितों के परिवारों के लिए चार लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई।

