रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली से बनाई दूरी, निष्पक्ष पहचान बनाए रखने का किया स्पष्ट ऐलान
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक में देश भर में युवाओं से जुड़े आंदोलनों, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे कई प्रमुख सामाजिक व राजनीतिक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुलाकात के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि वह तृणमूल प्रमुख से विशेष तौर पर उनका धन्यवाद करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जब उनके संगठन ने राजधानी के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर पहला बड़ा आंदोलन शुरू किया था, तब ममता बनर्जी ने युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में पूरा समर्थन दिया था। उन्होंने छात्रों के हित में उस समय मिले राजनीतिक व नैतिक सहयोग की सराहना की।
दिपके ने इस बात को भी प्रमुखता से रेखांकित किया कि नीट आंदोलन के दौरान जब दिल्ली पुलिस द्वारा संगठन के प्रमुख नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया था, तब भी ममता बनर्जी उनके संगठन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रही थीं। इसी निरंतर साथ और कठिन समय में मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से औपचारिक भेंट की।
हालांकि, राजनीतिक गठबंधन के संदर्भ में उन्होंने अपनी पार्टी का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। अभिजीत दिपके ने कहा कि सीजेपी रविवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की संयुक्त रैली में प्रत्यक्ष रूप से मंच साझा नहीं करेगी। उन्होंने साफ किया कि संगठन उठाए जा रहे जनहितैषी मुद्दों का समर्थन करता है, लेकिन चुनावी राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान और गैर-पक्षपाती भूमिका को पूरी तरह बरकरार रखेगा।
सीजेपी प्रमुख ने अंत में जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी युवाओं के अधिकारों, पेपर लीक की समस्याओं और कथित चुनावी अनियमितताओं के विरुद्ध संघर्ष करने वाले सभी समूहों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में विसंगतियों और कथित वोट चोरी का विषय किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र से जुड़ा व्यापक मुद्दा है, जिसके समाधान के लिए संगठन अपनी स्वतंत्र लड़ाई निरंतर जारी रखेगा।

