बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद विचलित करने वाला और अमानवीय मामला सामने आया है। पूर्वी बेंगलुरु के अवलाहल्ली स्थित कितागानूर गांव में एक दंपती ने अपने आपसी झगड़े की क्रूर सजा अपनी 11 महीने की मासूम बच्ची को दी। पहले तो हत्या को ‘हादसा’ बताकर छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
1. झूठी कहानी: पिता ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की
घटना 9 जून 2026 की है। आरोपी पिता शेखप्पा ने पुलिस को फोन कर एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उसने दावा किया कि:
- उसकी पत्नी विजयलक्ष्मी बच्ची को स्तनपान करा रही थी।
- उसी दौरान बच्ची दुर्घटनावश बिस्तर से नीचे गिर गई।
- गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शुरुआत में इसे ‘अप्राकृतिक मौत’ (Unnatural Death) का मामला मानकर केस दर्ज किया, लेकिन बच्ची की दर्दनाक मौत के पीछे का सच कुछ और ही था।
2. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला खौफनाक सच
जब पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्ची का पोस्टमार्टम करवाया, तो रिपोर्ट ने शेखप्पा के बयानों की पोल खोल दी। रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार थे:
- गंभीर आंतरिक चोटें: बच्ची की मौत गिरने से नहीं, बल्कि अंदरूनी तौर पर अत्यधिक रक्तस्राव (Internal Bleeding) के कारण हुई थी।
- बर्बरता के निशान: मासूम के चेहरे, छाती और पैरों पर चोट के गहरे निशान थे, जो किसी गिरने वाली घटना से बिल्कुल मेल नहीं खा रहे थे। यह स्पष्ट था कि बच्ची को जानबूझकर बेरहमी से पीटा गया था।
3. झगड़े का अंत: गुस्से में मासूम की जान ली
पुलिस की गहन पूछताछ और जांच में खौफनाक सच्चाई सामने आई:
- विवाद की वजह: 9 जून की दोपहर को पति शेखप्पा और पत्नी विजयलक्ष्मी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और झगड़ा हुआ था।
- क्रूरता की पराकाष्ठा: झगड़े के बीच जब पत्नी विजयलक्ष्मी रोने लगी, तो गुस्से में बौखलाए शेखप्पा ने बच्ची को उठाकर सीधे जमीन पर पटक दिया।
- तत्काल मौत: फर्श पर पटकने के कारण बच्ची को गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने अब शेखप्पा के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की साजिश रचने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा आईना है कि कैसे छोटी-छोटी पारिवारिक कलह का खामियाजा निर्दोष बच्चों को भुगतना पड़ता है।
अदालत में जल्द ही इस मामले की सुनवाई शुरू होगी, जहां आरोपी को उसके द्वारा किए गए जघन्य अपराध के लिए कानून का सामना करना पड़ेगा।

