सिंगलिताम और रिंबी में प्रशासन का व्यापक राहत अभियान, आवाजाही के लिए वैकल्पिक बेली ब्रिज बनाने की तैयारी
ग्यालशिंग: पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में मूसलाधार बारिश के चलते सिंगलिताम और रिंबी क्षेत्रों में व्यापक भूस्खलन होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार गिरते मलबे और जमीन धंसने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिंबी के 28 घरों में रहने वाले 128 नागरिकों को सुरक्षित रूप से रिंबी ग्राम पंचायत केंद्र में स्थानांतरित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, सिंगलिताम में भी भूस्खलन की सीधी चपेट में आए सात प्रभावित परिवारों के 33 से अधिक सदस्यों को राहत शिविरों में ठहराया गया है।
मंदिर प्वाइंट बना डेंजर जोन, आरसीसी पुल बहा
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) के अनुसार, इस पर्वतीय क्षेत्र में 12 सितंबर से ही रुक-रुक कर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थिति 14 सितंबर को हुई भीषण बारिश और बाढ़ के बाद अत्यधिक संवेदनशील हो गई। अधिकारियों के अनुसार, मंदिर प्वाइंट के आसपास मुख्य भूस्खलन सक्रिय है। निक खोलसा नाले में भारी मात्रा में जमा मलबा बारिश के पानी के साथ तेज गति से रिंबी गांव की ओर आ रहा है, जिसके तेज बहाव में रिंबी का पक्का आरसीसी पुल पूरी तरह बह गया है। साथ ही रिंबी आईसीडीएस केंद्र के जलमग्न होने के बाद बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी की जा रही है।
वैकल्पिक बेली ब्रिज और बांस के पुल से बहाल होगी आवाजाही
सड़क एवं पुल विभाग की टीमें युद्धस्तर पर मलबा हटाने और संपर्क बहाल करने के कार्य में जुटी हैं। रिंबी की मुख्य सड़क बह जाने के कारण अब ऊंचाई वाले स्थान पर बेली ब्रिज के निर्माण की योजना बनाई गई है। वहीं, स्थानीय लोगों की तात्कालिक आवाजाही के लिए अस्थायी बांस का पुल तैयार किया जा रहा है।
ग्यालशिंग के जिला कलेक्टर तेनजिंग डेंजोंगपा स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरंतर दौरा कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। राहत केंद्रों में पेयजल पाइपलाइन, भोजन, आवश्यक सामग्री और रात के समय प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक टीमें लगातार मुस्तैद हैं।

