नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2026
भारतीय रेलवे अब अपनी पारंपरिक प्रीमियम ट्रेनों— शताब्दी और जनशताब्दी एक्सप्रेस— का चेहरा बदलने की तैयारी में है। रेलवे बोर्ड ने देशभर में चल रही करीब 100 सेवाओं को अपग्रेड करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन ट्रेनों को ‘वंदे भारत’ के स्तर की आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस करना है।
1. अपग्रेडेशन के मुख्य बिंदु: क्या बदलेगा?
रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित बदलाव किए जाएंगे:
- आरामदायक सफर: सीटों को अधिक आरामदायक बनाने के लिए नई ‘अपहोल्स्ट्री’ लगाई जाएगी। साथ ही, कोच में झटकों (Jerks) को कम करने के लिए तकनीकी सुधार किए जाएंगे।
- इंटीरियर और लाइटिंग: कोच के भीतर फ्लोरिंग, पैनल और रोशनी (Lighting) को आधुनिक और आकर्षक बनाया जाएगा। वेस्टिब्यूल एरिया और गैंगवे की मरम्मत भी इस योजना का हिस्सा है।
- साफ-सफाई पर जोर: सबसे अधिक ध्यान बाथरूम की स्वच्छता और उनकी स्थिति सुधारने पर दिया जाएगा।
- डिजिटल सुविधाएं: स्नैक्स टेबल, बेहतर चार्जिंग पोर्ट और एक मजबूत ‘डिजिटल पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम’ स्थापित किया जाएगा।
2. सुरक्षा और बाहरी लुक
- CCTV और निगरानी: यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोचों में सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
- आकर्षक बनावट: ट्रेनों की बाहरी बॉडी को नया पेंट और आकर्षक लुक दिया जाएगा, साथ ही साफ-सुथरे डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड लगाए जाएंगे।
3. रेलवे बोर्ड का ‘एक्शन प्लान’
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को सख्त निर्देश दिए हैं:
- विस्तृत ऑडिट: सभी जोनों को अपने रेक (ट्रेन के डिब्बों) की जांच कर कमियों की पहचान करने को कहा गया है।
- समय सीमा: कमियों को दूर करने के लिए एक निश्चित समय के भीतर ‘एक्शन प्लान’ तैयार कर उसे लागू करना अनिवार्य होगा।
- निगरानी: सुधार कार्यों की सख्त निगरानी की जाएगी ताकि यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके।
4. वर्तमान स्थिति
वर्तमान में भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर लगभग 25 जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस और दो दर्जन से अधिक जनशताब्दी एक्सप्रेस प्रमुख शहरों के बीच लाइफलाइन का काम कर रही हैं। प्रीमियम श्रेणी में ‘वंदे भारत’ की बढ़ती लोकप्रियता के बीच, इन ट्रेनों को अपग्रेड करना रेलवे के लिए प्रतिस्पर्धात्मक बने रहने के लिए आवश्यक हो गया है।

