लिमासोल (साइप्रस): विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 27-28 मई को साइप्रस के लिमासोल शहर में आयोजित यूरोपीय संघ (EU) के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक (जिम्निच – Gymnich) में विशेष रूप से भाग लिया। इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर उभरती हुई बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था (Multipolar Order), व्यावहारिक सहयोग और भारत-ईयू के साझा हितों को लेकर गहन रणनीतिक मंथन हुआ।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस बैठक को लेकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ और इस क्षेत्र के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार गहरी होती जा रही है।
स्पेन के विदेश मंत्री से द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत
जिम्निच बैठक के इतर विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।
- रणनीतिक क्षेत्र: दोनों नेताओं के बीच भारत और स्पेन के बीच व्यापार (Trade), उन्नत प्रौद्योगिकी (Technology), रक्षा सहयोग (Defense) और पीपल-टू-पीपल (P2P) संबंधों को और मजबूत करने के रोडमैप पर चर्चा हुई।
- वैश्विक मुद्दे: जयशंकर ने वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर स्पेन के विदेश मंत्री के विचारों और अंतर्दृष्टि की जमकर सराहना की।
यूक्रेन युद्ध और स्थायी शांति पर यूक्रेनी विदेश मंत्री से चर्चा
साइप्रस दौरे के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर की अपने यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा (Andrii Sybiha) के साथ हुई बैठक इस दौरे का मुख्य आकर्षण रही। इस बैठक में रूस-यूक्रेन के बीच जारी लंबे युद्ध और युद्धक्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा का बयान:
“साइप्रस में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक बेहद सार्थक बैठक हुई। हमने यूक्रेन के खिलाफ रूस के चल रहे युद्ध और युद्धक्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर बात की। हमारा संदेश पूरी तरह स्पष्ट है— हम इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त कर एक व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति (Lasting Peace) स्थापित करना चाहते हैं। आज जब यूरोप अपनी जिम्मेदारी बढ़ा रहा है, ऐसे में हम शांति प्रयासों में भारत की सशक्त आवाज और रचनात्मक सुझावों का स्वागत करते हैं। हम भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और नियमित संवाद बनाए रखने पर सहमत हुए हैं।”
पश्चिम एशिया संकट पर सऊदी अरब के साथ मंथन
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक की।
- क्षेत्रीय सुरक्षा: इस बैठक का मुख्य एजेंडा पश्चिम एशिया की उभरती और संवेदनशील स्थिति थी।
- असेसमेंट: जयशंकर ने ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मध्य पूर्व के मौजूदा संकट और भू-राजनीतिक सुरक्षा को लेकर सऊदी अरब के विदेश मंत्री का आकलन और उनकी अंतर्दृष्टि (Insights) भारत के लिए बेहद मूल्यवान और सराहनीय है। दोनों देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाली के लिए संपर्क में रहने पर सहमत हुए हैं।

