30 C
Mumbai
Tuesday, April 28, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

पश्चिम बंगाल पीडीएस घोटाला: ‘पुराने आटे’ का खेल और बांग्लादेश को अवैध निर्यात; ईडी की छापेमारी में बड़े नेटवर्क का खुलासा

Array

कोलकाता, 27 अप्रैल 2026

पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के हक के राशन में सेंधमारी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता, हाबरा और बर्दवान सहित 11 ठिकानों पर छापेमारी कर इस घोटाले की परतों को उखाड़ना शुरू कर दिया है। ‘आटे में आटा’ मिलाने और पीडीएस गेहूं को सीमा पार भेजने के इस खेल में हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है।

1. घोटाले की कार्यप्रणाली (Modus Operandi)

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी गेहूं और आटे के गबन के लिए एक सुनियोजित रास्ता अपनाया था:

  • आटे में मिलावट: आटा मिल मालिक और सहकारी समितियां मिलकर पुराने और खराब आटे को ताजे आटे में मिला देते थे।
  • कम वजन का खेल: वितरकों (Distributors) को जानबूझकर आटे की कम मात्रा पहुंचाई जाती थी और बचा हुआ स्टॉक खुले बाजार में बेच दिया जाता था।
  • फर्जी किसान: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) हड़पने के लिए फर्जी किसानों के नाम पर नकली बैंक खाते खोले गए थे।
  • पैकिंग बदलकर तस्करी: भारतीय खाद्य निगम (FCI) के चिह्नों वाले बोरों को बदलकर या उलटकर गेहूं की नई पैकिंग की जाती थी ताकि उसकी पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद इसे घोजाडांगा बॉर्डर के जरिए बांग्लादेश निर्यात कर दिया जाता था।

2. ईडी की कार्रवाई और बरामदगी

निरंजन चंद्र साहा और अन्य सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर हुई तलाशी में ईडी को बड़ी सफलता मिली है:

  • नकदी और दस्तावेज: छापेमारी में 18.4 लाख रुपये नकद और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
  • पिछली बरामदगी: 10 अप्रैल को हुई तलाशी में भी 30.9 लाख रुपये मिले थे, जिससे इस मामले में अब तक कुल 49.3 लाख रुपये नकद बरामद हो चुके हैं।
  • जब्त संपत्ति: इस घोटाले से जुड़े नेटवर्क की अब तक 75 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अटैच की जा चुकी है।

3. 175 ट्रकों की जब्ती और जाली दस्तावेज

जांच के दौरान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने 175 ट्रकों में लदा लगभग 5101.25 मीट्रिक टन पीडीएस गेहूं जब्त किया है।

  • फर्जी रिकॉर्ड: ट्रकों के साथ मिले अधिकांश इनवॉइस, बिल और जीएसटी नंबर फर्जी पाए गए।
  • साजिश का दायरा: इस नेटवर्क में निर्यातक, थोक विक्रेता, परिवहनकर्ता और कमीशन एजेंट शामिल थे, जिनका जाल अंतरराज्यीय स्तर तक फैला हुआ था।

4. प्रमुख गिरफ्तारियां और कानूनी स्थिति

इस घोटाले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक पूर्व मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक और कारोबारी बकिबुर रहमान सहित कुल नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

  • एफआईआर: यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा बसीरहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकियों (FIR) के आधार पर शुरू हुई थी।
  • चार्जशीट: ईडी ने विशेष पीएमएलए (PMLA) न्यायालय के समक्ष एक मूल शिकायत और चार पूरक शिकायतें (Supplementary Complaints) दायर की हैं।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here